- कोरोना का कहर : बैंक, किराना दुकान, पेट्रोल पंप बंद, गली-गली सब्जी व दूध बेचने वालों भी 10 अप्रैल तक प्रतिबंध।

- कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए 4 डॉक्टर सहित 20 स्वास्थ्यकर्मियों की भी होगी जांच।

श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले में कोरोना महामारी से संक्रमित मरीज सामने आने के बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिलेभर में कर्फ्यू का ऐलान कर दिया। यह कर्फ्यू मंगलवार की देर रात 12 बजे से लागू हो गया जो 10 अप्रैल रात 12 बजे तक रहेगा। तीन दिन के इस कर्फ्यू के दौरान पूरी तरह सख्ती रहेगी। लोगों को सड़कों पर निकलने की इजाजत कतई नहीं है। इसीलिए किराना, दूध, सब्जी की दुकानों से लेकर बैंक एवं पेट्रोल पंप तक को बंद कर दिया गया है। सड़क पर किसी भी तरह के वाहन को चलने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि गांवों से दूध लेकर आने वाले और कॉलोनी-मोहल्लों में सिर पर सब्जी रखकर बेचने वालों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि कर्फ्यू के दौरान सरकारी व निजी अस्पताल व मेडिकल स्टोर ही खुले रहेंगे। किसी को दवाओं की जरूरत है तो वह अपने नजदीकी मेडिकल स्टोर तक जा सकता है। नजदीक का मेडिकल स्टोर छोड़कर घूमने के बहाने दूर के मेडिकल स्टोर पर जाने वालों तक पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी।

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कैप्शन : कर्फ्यू का ऐलान होते ही पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी।

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डॉक्टरों से छिपाई सच्चाई, अब पता लगाने बनाई टीम

कोरोना संक्रमित तीन दिन 04 से 06 अप्रैल तक जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रहा। इस दौरान जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उससे कईयों बार पूछा कि वह किसी ऐसे शहर में गया जहां, कोरोना की बीमारी फैली हो या फिर किसी ऐसे व्यक्ति से मिले हो जो ऐसे शहर से आया हो। कोरोना संक्रमित ने हर बार डॉक्टरों से कहा कि वह कहीं नहीं गया नहीं किसी से मिला। हर बार उसने कहा कि जब से लॉकडाउन हुआ है तब से वह मस्जिद में नवाज पढ़ने भी नहीं गया। उसने इंदौर से आए बेटे की जानकारी तक डॉक्टरों से छिपाई, जबकि पूरे प्रदेश में इंदौर शहर कोरोना का गढ़ बना हुआ है। कोरोना संक्रमित द्वारा सही जानकारी नहीं देने से परेशान जिला प्रशासन ने सीएमएचओ डॉ. एआर करोरिया की निगरानी में एक टीम बनाई है जो, उन सभी लोगों की जानकारी जुटाएगी जिनसे कोरोना संक्रमित, इंदौर से आया उसका बेटा या अन्य परिजन मिले हैं।

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अस्पताल में हडकंप : 4 डॉक्टरों सहित 20 के लिए सैंपल

जिस अधेड़ को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है वह जिला अस्पताल में तीन दिन भर्ती रहा है। इस दौरान उसे भर्ती करने से लेकर आइसोलेशन वार्ड में जाकर नियमित चेकअप व कोरोना सैंपल लेने के कारण 4 डॉक्टर और 16 नर्सिंग स्टॉफ संपर्क में आया है। मंगलवार शाम 6 बजे तक इन सभी चार डॉक्टरों सहित 20 लोगों की कोरोना जांच के सेंपल लिए गए।

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बंजारा डैम सील्ड, न कोई आएगा नहीं जाएगा

कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने बंजारा डैम-हसनपुर हवेली क्षेत्र का संपर्क पूरे शहर से काट दिया। दोपहर 2 बजे कलेक्टर प्रतिभा पाल व एसपी सम्पत उपाध्याय मौका मुआइना करने पहुंचे। इसके बाद पुुल दरवाजे पर बेरीगेट्स लगाकर पूरे शहर को हसनपुर हवेली क्षेत्र से काट दिया। दूसरी ओर खातौली तिराहे पर बेरीगेट्स लगा दिए। इसके बाद किसी को पैदल या अन्य वाहन से इस इलाके के आसपास भी भटकने नहीं दिया। इसके बाद नपा ने हसनपुर हवेली क्षेत्र में मुनादी कर लोगों को कोरोना संक्रमित घर से दूर रहने को कहा। इसके अलावा जिला मुख्यालय से सटे ग्वाडी-मठेपुरा में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। यहां का जायजा लेने एडिशनल एसपी पीएल कुर्वे पहुंचे। एसडीएम रूपेश उपाध्याय ने बताया कि पूरे इलाके को सील्ड कर सैनिटाइजिंग कराने का काम शुरू किया जा रहा है। यहां के हर वाशिंदे की जांच करवाने के लिए टीमों का गठन किया जा रहा है।

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बंग्लादेशी जमातियों सहित 10 कोरोना निगेटिव

मंगलवार को ग्वालियर डीआरडीओ ने श्योपुर जिले के 11 सेंपलों की जांच रिपोर्ट दी है। इनमें 10 लोग कोरोना निगेटिव निकले हैं जिनमें, बंग्लादेश के 2 और पश्चिम बंगाल व आन्ध्र प्रदेश के 5 जमाती भी शामिल हैं। इनके अलावा जिलेभर के 6 अन्य लोग हैं जिनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने से उन्होंने राहत की सांस ली। गौरतलब है कि जिले से 27 सेंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से अब तक 25 की जांच रिपोर्ट आ गई। इनमें 24 निगेटिव और एक पॉजीटिव पाया गया है। विजयपुर के दो युवकों के सेंपल रिजेक्ट हो जाने के कारण उनकी जांच रिपोर्ट अटक गई है। इनके अलावा मंगलवार को 20 सेंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट गुरुवार शाम तक आने की उम्मीद है।

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पाण्डोला से आया संदिग्ध, किया आइसोलेट

मंगलवार की सुबह श्योपुर से 11 किमी दूर पाण्डोला गांव से भी एक कोरोना संदिग्ध को जिला अस्पताल लाया गया है। बताया गया है कि करीब 26 साल का यह युवक कुवैत से आए कुछ लोगों के संपर्क में रहा है। कुवैत से आए युवक लॉकडाउन से एक-दो दिन पहले ही लौटकर चले गए हैं। सोमवार को उक्त युवक की तबियत बिगड़ी और निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद गांव लौट गया। इसे खांसी-जुकाम व बुखार के अलावा सांस लेने में तकलीफ थी। जब यह बात एक युवक को पता लगी तो उसने रात में ही जिला मुख्यालय के कॉलल सेंटर व अन्य अफसरों को इसकी सूचना दी। इसके बाद बड़ौदा के प्रभारी तहसीलदार शिवराज मीणा ने उक्त युवक को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया है। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सेंपल ग्वालियर भेजे गए हैं।

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बागल्दा गांव तक पहुंचा खौफ, गांव सील्ड

बंजारा डैम हसनपुर हवेली में मिले कोरोना पॉजीविट द्वारा बागल्दा गांव तक संक्रमण फैलाने का खतरा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना संक्रमित झोलाछाप डॉक्टर बागल्दा गांव ही मूल निवासी है। इस गांव के लोगों की मानें तो कुछ रोज पहले कोरोना संक्रमित व्यक्ति का जो बेटा इंदौर से लौटा था उसकी तबियत बिगड़ने पर उसे गांव में भेजा गया, यहीं उसका इलाज किया गया। इस कारण कोरोना संक्रमण का यह डर बागल्दा गांव तक जा पहुंचा है। यह गांव जिला मुख्यालय से करीब 31 किमी दूर है और राजस्थान की सीमा पर बसा है। इंदौर से आए युवक के इस गांव में रहने की सूचना के बाद प्रशासन की एक टीम बागल्दा पहुंची। बताया गया है इस गांव को भी सील्ड करके यहां के लोगों की जांच व गांव को सैनिटाइज किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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