श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

नगर पालिका ने 2019 में 2 अक्टूबर गांधी जंयती पर शहर को पॉलीथिन मुक्त घोषित कर दिया था। सिंगल यूज पॉलीथिन के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया। इसके बाद अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब प्रतिबंध बेअसर हो गया। वर्तमान में इस प्रकार की पॉलीथिन कर हर जगह धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। यही हालत रही तो स्वच्छ सर्वेक्षण में 60 नंबर कट जाएंगे। शहर में 50 माइक्रॉन से कम की पालीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध के बावजूद इसका उपयोग हो रहा है। 2019 में केंद्र सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक-पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया तो नगरपालिका ने सख्ती के साथ अभियान चलाया था। तब थोक व फुटकर विक्रेताओं ने पॉलीथिन बेचना बंद कर दिया था। इसका असर शहर में निकलने वाले कचरे के साथ पॉलीथिन वेस्ट भी कम हुआ था। लेकिन 1 साल से सख्ती कम कर दी गई थी। इसके बाद नपा ने इस पर ध्यान नहीं दिया। आज शहर में हर छोटी-बड़ी दुकान पर पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। थोक विक्रेता अब दुकानों से अमानक पॉलीथिन बेचने की जगह सीधे दुकानदारों को फेरी वालों के माध्यम से दुकानों पर पहुंचा रहे है। मैन बाजार, चूड़ी बाजार,बोहरा बाजार, गणेश बाजार, पाली रोड, बड़ौदा रोड से लेकर रेलवे स्टेशन रोड तक दुकानों, गुमटी व हाथ ठेला ग्राहकों को पॉलीथिन में सामान दे रहे हैं। गुमटी वालों ने कहा कि लोग घर से थैला लेकर नहीं आते। ऐसे में मजबूरन पॉलीथिन में सामान देना पड़ रहा है। कागज व कपड़े की थैली महंगी होने से दुकानदारों का मुनाफा प्रभावित हो रहा है। इसलिए पॉलीथिन का इस्तेमाल कर रहे हैं। बोहरा बाजार में एक पॉलीथिन विक्रेता ने नाम नहीं छापने पर बताया कि एक से नपा ने कार्रवाई नहीं की इस कारण बाजार में फिर से पॉलीथिन बिक रही है। शहर में 30 से ज्यादा लोग साइकिल बाइक पर दुकान और ठेला व्यापारियों को पॉलीथिन बेच रहे हैं।

स्वच्छ सर्वेक्षण के अंक पर होगा असर :

स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 के लिए टीम मार्च माह सर्वे के लिए आएगी। शहर में पॉलीथिन का उपयोग होता मिला तो यह बात तय है कि नपा के नंबर कट जाएंगे। नपा ने कागजों पर निरंतर कार्रवाई और प्रतिबंध की बात लिखी है। सर्वे मे यह बात गलत निकली तो 60 नंबर का नुकसान हो जाएगा। इसका असर रैकिंग पर भी पड़ेगा। हालांकि नपा अधिकारियों का कहना है कि वह पॉलीथिन के खिलाफ फिर से बड़ा अभियान चलाने वाले हैं।

20 क्विंटल पॉलीथिन वेस्ट :

शहर में प्रतिदिन निकलने वाले कचरे में से 20 क्विंटल कचरा पॉलीथिन का है। जुलाई 2020 के पहले इसमें करीब 2 क्विंटल की कमी आई थी, लेकिन अब फिर इतना ही वेस्ट निकल रहा है। पॉलीथिन के कारण शहर में जगह-जगह नाले और नालियां चौक हैं। ऐसे में कई जगह शहर में बिना बारिश के ही सर्दियों में जलभराव की स्थिति बन रही है।

टीम नहीं कर रही है कार्रवाई :

शहर में पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए नगरपालिका सीएमओ ने एक टीम गठित की थी, लेकिन इसके बाद यह टीम सिर्फ कागजों में ही काम रही है। धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। यही वजह है कि शहर में लोग पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर अभी भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

वर्जन :

शहर में अमानक पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध है। नपा अमले द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इस यह अभियान फिर से बड़े स्तर पर चलाया जाएगा।

धर्मेद्र पटेल, उपयंत्री व नोडल स्वच्छता सर्वेक्षण नपा

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local