श्योपुर। नईदुनिया न्यूज

पटवारी द्वारा की गई हड़ताल का असर साफ दिखाई देने लगा है। तीन दिन के अवकाश पर जाने की वजह से तहसीलों में राजस्व विभाग का काम ठप पड़ गया है। उधर तहसील व लोकसेवा केन्द्रों पर काम कराने आने वाले किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पटवारियों की हड़ताल के चलते राजस्व विभाग के विभिन्ना कामों के साथ स्वामित्व योजना का काम भी पिछड़ रहा है।

वेतन संबंधित मांगों को लेकर आंदोलनरत प्रदेश के पटवारियों ने पहले 29 जुलाई को सामूहिक अवकाश लिया और अब 2 से 4 अगस्त तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान पटवारियों ने तहसीलदारों द्वारा बनाया गया व्हाट्सएप ग्रुप भी बंद कर दिया है। किसी भी सूचना का आदान- प्रदान नहीं किया जा रहा है। दफ्तरों में काम का बोझ अचानक बढ़ गया। हालांकि, श्योपुर में शनिवार को पटवारियों ने मानवता के नाते बाढ़ राहत दल का काम किया और अपने हल्कों में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके खाने- पीने का सामान उपलब्ध कराने का काम भी किया, लेकिन यह काम वह मानवता के नाते समाजसेवा के रूप में करना बता रहे हैं। उधर राजस्व निरीक्षक संघ ने पटवारियों की हड़ताल को मूक समर्थन देते हुए लेटर जारी किया है, जिसमें पटवारियों का काम आरआई द्वारा करने से इंकार किया गया है। राजस्व संघ ने जारी पत्र में उल्लेख किया है कि, पटवारियों की मांग न्यायोचित है। पटवारी 56 विभागों का काम संपादित करता है। इसको दृष्टिगत रखते हुए 2800 पेग्रेड सहित 3 सूत्रीय मांगे तत्काल मान लेनी चाहिए। राजस्व निरीक्षक संघ ने निर्णय लिया है कि, पटवारी संघ की हड़ताल की अवधि में कोई भी राजस्व निरीक्षक पटवारी संबंधित काम नहीं करेगा।

तो क्षति का आंकलन करने में हो जाएगी परेशानी :

अगर पटवारियों ने अपनी हड़ताल को आगे बढ़ाया तो एक सप्ताह से हो रही भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन भी मुश्किल हो जाएगा। बिना पटवारी के बर्बाद फसल का आंकलन करना संभव नहीं हैं। वरिष्ठ अधिकारी पटवारियों से विषम परिस्थिति में जनहित को ध्यान में रखते हुए काम करने का अनुरोध कर रहे हैं, उधर पटवारी संघ ने साफ कह दिया है कि, पटवारी कोई भी सरकारी काम छुट्टी के दौरान नहीं करेंगे।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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