श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि।

पिछले साल 3 अगस्त को श्योपुर में आई भयानक बाढ़ के मंजर को लोग अभी तक नहीं भूल पाए। जैसे ही बारिश होती है लोगों की आंखों के सामने वह भयानक तस्वीरें आ जाती है। बाढ़ में सब कुछ तबाह होने के बाद कुछ हालात पटरी पर लौट आए हैं, तो कुछ अभी भी बिखरा हुआ पड़ा है। सोंईकलां का सरोदा गांव बाढ़ में पूरी तरह उजड़ गया था, मुख्यमंत्री इसी गांव में हालातों का जायजा लेने पहुंचे थे, लेकिन आज भी गांव बस नहीं पाया और लोग खेतों पर झोंपड़ियां बनाकर रहने को मजबूर हैं।

श्योपुर में 3 अगस्त को इतनी जबदस्त बाढ़ आई कि, लोगों ने ऐसी बाढ़ कभी नहीं देखी। शहर से लेकर गांव तबाह हो गए। लोगों का सबकुछ बर्बाद हो गया था, स्थिति यह हो गई कि लोगों के पास खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा। हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो गई थी, सैकड़ों मवेशी बाढ़ में बह गए थे। बाढ़ में जिन लोगों के घर बर्बाद हो गए थे उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जमीन देकर दूसरी जगह घर बनाकर देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक यह घोषणा पूरी नहीं हुई है। शहरी क्षेत्र में जिन लोगों को घर बाढ़ तबाह हो गए थे, उनमें से कुछ लोगों को तो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाकर दे दिए, लेकिन सरोदा गांव में लोगों को घर बनाने के लिए ऐसी जगह दी जहां पहूंचने तक रास्ता नहीं है। यहां ग्रामीणों को खेत भी 8 किमी दूर हैं। इसलिए ग्रामीणों ने इस जगह पर बसने से साफ इंकार कर दिया और आज भी यह उसी जगह झोंपड़ी बनाकर रह रहे हैं। जिस जगह रह रहे हैं वहां भी इन लोगों को आवास नहीं मिले हैं।

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बाढ़ की सुनामी में कलेक्टर, एसपी पर उतरा था गुस्सा

बाढ़ से शहर में बिगड़े हालात पर प्रशासन द्वारा काबू नहीं करने पर लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासनिक सर्जरी से हल्का हुआ था लोगों का गुस्सा लोगों का गुस्सा स्थानीय अधिकारियों पर अधिक था। इस बात को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के दौरान बाढ़ पीड़ितों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने उन्हें बताई । मुख्यमंत्री ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कलेक्टर, एसपी, एडीएम और सीएमओ को तत्काल प्रभाव से हटाकर उनके स्थान पर कलेक्टर के रूप में शिवम वर्मा, एसपी के रूप में अनुराग सुजानिया, एडीएम के रूप में टीएन सिंह और सीएमओ के रूप में बीडी कतरोलिया को भेजा था ।

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मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री को करना पड़ा था विरोध का समान

अफसरों के साथ मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री को झेलनी पड़ी जनता की नाराजगी। बाढ़ के साथ-साथ लोगों में आवदा डैम काटने और उसके पानी से बाढ़ की स्थिति निर्मित होने की अफवाह ने भी लोगों के दिमाग में ऐसी बैठी कि, अंत तक नहीं निकली। इसकी नाराजगी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अफसरों और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को भी उठानी पड़ी। मुख्यमंत्री के श्योपुर दौरे की जानकारी मिलने पर शहर की जनता ने उतरकर विरोध जताया, जिसकी वजह से मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर को लैंड हुए बिना लौटना पड़ा। बाद में सड़कों पर केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का भी विरोध टोड़ी गणेश बाजार में लोगों ने गाड़ी पर कीचड़ फेंककर किया। केंद्रीय मंत्री तो गाड़ी में बैठकर निकल गए। लेकिन लोगों ने तत्कालीन कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव की खींचतान कर दी थी। तत्कालीन एसपी संपत उपाध्याय बमुश्किल उन्हें लोगों से बचाकर लाए

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