श्योपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ईदगाह रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। नगरपालिका यहां पर ट्रकों को खड़ा करने के लिए स्थान देने की घोषणा कर बाकी सुविधाएं उपलब्ध कराना ही भूल गई। सड़क, बिजली, पानी का अभाव तो यहां साफ दिखाई ही दे रहा हैं, बारिश के समय तो यह ट्रांसपोर्ट नगर दलदल और कीचड़ में तब्दील हो जाता हैं। ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में कीचड़ होने की वजह से ट्रांसपोर्टर अपने ट्रकों को पास ही में बने नगरपालिका के मैरिज हॉल की पार्किंग में खड़े कर रहे हैं। इससे मैरिज हाल में होने आयोजन में परेशानी उठानी पड़ रही हैं।

जब से एकीकृत बसस्टैंड पाली रोड पर पहुंचा हैं तब से शिवपुरी रोड पर खाली हुए बसस्टैंड के स्थान पर नगरपालिका ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित कर दिया। इस स्थापना में नगरपालिका की घोषणा अधिक काम कम देखने को मिला। पहले ट्रांसपोर्ट नगर के नाम पर रेलवे स्टेशन रोड पर खड़े होने वाले भारी वाहनों को यातायात ने असुविधा मानकर इन्हें ईदगाह रोड पर खड़े होने की स्वीकृति तो दी, लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर को जो सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी थी वह सुविधाएं नगरपालिका कराना भूल गई। अलबत्ता समय-समय पर अपनी इनकम बढ़ाने के लिए नगरपालिका ने यहां दुकानें बनाकर बेचने का काम किया, लेकिन उक्त दुकानों से ट्रक व्यवसाई कम दूसरे लोग अधिक लाभांवित हुए। यहीं कारण है कि कई ट्रकों व्यवसायियों को ट्रांसपोर्ट नगर में बैठने तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बारिश में तो ट्रक ड्राइवरों को बैठने की सुविधा की बात तो छोड़ों ट्रकों को खड़े करने तक की सुविधा नहीं है। ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में कीचड़ होने की वजह से ट्रांसपोर्टर अपने ट्रकों को पास ही में बने नगरपालिका के मैरिज हाल की पार्किंग में खड़े कर रहे हैं। इससे मैरिज हाल में शादी विवाह व दूसरे आयोजन के लिए आने वालों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। नगरपालिका मैरिज हाल की पार्किंग से अवैध रूप से खड़े होने वाले ट्रकों को रोकने का काम नहीं कर रही हैं, इससे मैरिज हाल का संचालन कर रहे ठेकेदार को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा हैं। ट्रकों के खड़े होने की वजह से लोग मैरिज हॉल बुक कम कर रहे हैं।

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गैर ट्रांसपोर्टरों को बेची दुकानें

नगरपालिका ने लंबे समय बाद उक्त स्थल पर ट्रांसपोर्ट नगर संचालन के लिए दुकानें बनाने के बाद बोली लगाकर किराएदारी पर उठाई। इस काम में नगरपालिका की गैर जिम्मेदारी का खामियाजा ट्रांसपोर्टरों को तब उठाना पड़ा, जब दुकानें ट्रांसपोर्टरों के बजाए दूसरे व्यवसायियों ने खरीद ली। आज ट्रांसपोर्टरों को उक्त व्यवसायियों से दुकानें किराए से लेनी पड़ रही हैं। जिन ट्रांसपोर्टरों के पास ट्रांसपोर्ट नगर में दुकानें नहीं है, वह बाजार में दूसरे स्थानों पर अपना ट्रांसपोर्ट संचालित कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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