श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि।

जिला मुख्यालय से सटे गुवाड़ी गांव में दस्त, उल्टी से आधा सैकड़ा लोग बीमार हो गए हैं। इसकी सूचना मिलने पर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बीमारों को इलाज कर गंभीर बीमारों को जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया। नायब तहसीलदार रेखा कुशवाह ने बताया कि करीब 35 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर मौके पर ही दवाई दी गई। 22 महिला पुरुष सहित पांच बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं, जहां उनका इलाज चला रहा है, इनमें एक बालिका ही हालत गंभीर होने के कारण ग्वालियर रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार सोमवार-मंगलवार की रात गुवाड़ी गांव में अचानक दस्त, उल्टी का प्रकोप शुरू हो गया। छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गां तक में फैले इस मौसमी बीमारी के प्रकोप से पूरे गांव में घबराहट फैल गई। आनन-फानन में ग्रामीणों ने घरों में भरे रखे पीने के पानी के बर्तन खाली कर दिए। बीमारी कुएं का दूषित पानी पीने से हुई है, लेकिन कुछ ग्रामीण इस बीमारी को कुएं का पानी पीने से होना नहीं बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह कई सालों से इस कुएं का पानी पी रहे हैं। अभी तक उन्हें पानी से कोई समस्या नहीं आई, फिर एक ही रात में ऐसा क्या हो गया जिससे लोग बीमार पड़ गए। इस संबंध में ग्रामीण तरह-तरह की बात भी कर रहे हैं, लेकिन पीएचई विभाग द्वारा कराई गई जांच में पानी को पीने योग्य बताने पर यह भ्रम भी दूर हो गया।

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ये लोग हुए बीमार

गुवाड़ी में आधा सैकड़ा करीब बच्चे व बड़े उल्टी, दस्त से बीमार हो गए। जो लोग बीमार हुए हैं उनमें सीमा, रामकथा, अनार बाई, गुलाब बाई, मिलन, धन्नाालाल, रामरूप, पवन, जगदीश, रोहित, केड़ा बाई, किरंता, राकेश, दिलराज व बच्चों में देविका, दीपू, गुंजन, विजय, अजय, कुशहाल, भोला, फोरंतिया के नाम शामिल हैं यह सभी लोग मीणा समाज के बताए गए हैं। इसके अलावा 35 लोग ऐसे हैं जिनका टीम ने घर पहुंचकर दवाई दी, जिसके बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार बताया गया है।

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पीएचई ने लेबारेट्री में कराई पानी की जांच

ग्रामीणों ने बीमार होने का कारण कुएं का पानी पीना बताया है। एक साथ आधा सैकड़ा से अधिक लोगों के बीमार होने के बाद पीएचई विभग ने पानी का सैंपल लेकर लेबोरेट्री में जांच कराई। पीएचई का कहना है कि जांच में ऐसा कोई कैमिकल नहीं मिला, जिससे पानी को बीमारी का कारण माना जा सके। जांच में पानी पूरी रह सही पाया गया है।

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20 दिन पहले ओछापुरा में उल्टी-दस्त से हुए थे आधा सैकड़ा लोग बीमार

तीन जून को ओछापुरा में डायरिया और उल्टी-दस्त के प्रकोप से तीन दिन में 52 लोग बीमार हो गए थे। हालांकि इनमें से सभी मरीज स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राजस्व, महिला बाल विकास तथा पंचायत टीम ने संयुक्त रूप से 710 घरों का सर्वे किया गया। तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम गांव में रहकर बीमारी से पीड़ित लोगों का इलाज किया। गांव में डायरिया फैलने का कारण स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन पता नहीं लगा सका है।

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दोउड़ी की जलेबी खाने से हो सकते हैं बीमार

गुवाड़ी गांव में एक साथ इतने लोगों के बीमार होने के कारण दोउड़ी (भगवान को चढ़ाया गया प्रसाद) की जलेबी खाना बताया जा रहा है। गांव में लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग टीम ने 385 में घरों में जाकर सर्वे किया तो पता चला कि 75 घरों में लोगों ने दोउड़ी की जलेबी खाई थी, जिससे उनकी तबीयत खराब हुई है।

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- हमारी टीम ने गांव में पहुंचकर कुए एवं ट्यूबेल के पानी का सैंपल लेकर लेबोरेट्री में जांच कराई, तो पानी में कोई कैमिकल नहीं मिला। जांच में पूरी तरह शुद्ध हैं। बीमार होने का कारण कुछ और हो सकता है।

आरपी वर्मा, एसडीओ, पीएचइ श्योपुर

- गुवाड़ी गांव में लोगों के बीमार होने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम ने 30-35 लोगों का गांव में इलाज किया और जो लोग ज्यादा बीमार थे, उन्हें अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। गांव में लोगों ने प्रसाद के रूप में जलेबी खाई थी, जिससे वह बीमार हो सकते हैं।

डा. बीएल यादव, सीएमएचओ, श्योपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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