शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

इंटरनेट मीडिया पर प्यार और शादी के कई किस्से आपने सुने होंगे, इसी क्रम में मंगलवार को गोवर्धन थाने पर ऐसी ही एक और कहानी सामने आई है। इस कहानी में रील लाइफ के हीरो अतुल धाकड़ को बैतूल की एक युवती नंदनी जोशी ने खुद की लाइफ का रीयल हीरो बना लिया है। नंदनी ने अपने हीरो को पाने की चाह में बैतूल से बैराड़ तक का सफर तय किया और जब उसके माता-पिता उसे तलाशते हुए बैराड़ तक पहुंच गए तो वह अपने हीरो को यहां से राजधानी दिल्ली तक ले भागी और वहां उससे ब्याह रचाने के उपरांत वह थाने जा पहुंची और अपने माता-पिता के समक्ष यह ऐलान कर दिया कि अब वह अतुल के साथ ही अपनी जिंदगी बिताएगी। इसके बाद नंदनी की मां मंजू व पिता राजकुमार जोशी बैरंग अपने घर लौट गए।

नंदनी के अनुसार अतुल धाकड़ इंस्टाग्राम पर रील बनाया करता था और उसे अतुल की रील बहुत अच्छी लगती थीं। वह अतुल की रील को लाइक करते करते उसे भी पसंद करने लगी। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत हुई और यह बातचीत प्यार में बदल गई। इसी क्रम में उसने बालिग होते ही अपने प्यार को पाने के लिए बैतूल से बैराड़ तक का सफर तय किया था, लेकिन जब उसके माता-पिता उसे ढूंढते हुए बैराड़ तक पहुंच गए तो 29 तारीख को दिल्ली भाग गए और वहां आर्य समाज मंदिर में शादी करने के बाद 1 दिसम्बर को ग्वालियर लौट आए। वहां से आज वह गोवर्धन थाने पहुंचे और खुद की शादी के बारे में पुलिस को बताया।

15 दिसंबर को होने वाली थी शादी

नंदनी के माता-पिता ने नंदनी की शादी तय कर दी थी और 15 दिसम्बर को उसकी शादी होने वाली थी। इसी क्रम में नंदनी 21-22 तारीख की रात को नाना के घर से भाग कर आ गई। 22 तारीख को उसकी गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जब नंदनी के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो वह बैराड़ थाना क्षेत्र की आई। इसी के चलते 24 तारीख को उसके माता-पिता बैराड़ थाने पहुंच गए और यहीं थाने में डेरा डाले रहे। आज गोवर्धन थाने में नंदनी के माता-पिता ने उसे समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी। मां अंत में इस बात पर राजी हो गई कि वह 15 तारीख को उसकी शादी अतुल से ही कर देगी, लेकिन नंदनी का कहना था कि उसकी शादी एक बार हो चुकी है। अब वह दुबारा शादी नहीं करेगी, क्योंकि लड़की जीवन में सिर्फ एक बार ही सात फेरे लेती है और वह इस रस्म को पूरा कर चुकी है।

न मैंने तुझे मोबाइल दिलाया होता न मैं यह दिन देखती

थाने में बेटी को समझाते समझाते थक चुकी मां मंजू की जब नंदनी ने बात नहीं मानी तो मां का कहना था कि तून कहा मुझे 20 हजार का मोबाइल चाहिए, मैंने दिलाया। तूने कहा मुझे कपड़े चाहिए, मैंने दिलाया। मंजू के अनुसार न उसने नंदनी को मोबाइल दिलाया होता और न उसे यह दिन देखना पड़ता। उसने नंदनी से यहां तक कहा कि तुझे एक मां की बद्दुआ है कि तुझे भी बेटी हो और वह तुझे इससे भी बुरा दिन दिखाए तब तुझे मेरे दुख का अहसास होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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