िशवपुरी, नईदुनिया प्रतिनिधि

करैरा प्रशासन ने गुरुवार को उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के आदेशों के पालन के तहत तीन करोड़ की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। प्रकरण क्रमांक डब्ल्यूपी/12915/2021 दिलीप सिंह पुत्र बलवंत सिंह यादव विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन में पारित आदेश के तहत अतिक्रमण को चिह्नित किए जाने के लिए 10 सदस्य सीमांकन दल गठित किया गया था।

सीमांकन दल द्वारा कस्बा शासकीय महाविद्यालय भूमि सर्वे नंबर 1996, 1997, 2033/3, 2034 पर किए गए अतिक्रमण को गठित दल द्वारा चिन्हांकित किया गया। उसके अनुसार राजू पुत्र विष्णु चरण शर्मा, प्रदीप, श्याम कुमार पुत्र राम किशोर गुप्ता, सचिन सोनी पुत्र राम अवतार, देवेंद्र जैन पुत्र ज्ञानचंद जैन, संतोष पुत्र रघुवर जाटव, कोमल पुत्र भैया लाल साहू, आनंद पुत्र रघुनंदन शर्मा, धर्म चंद पुत्र बाबूलाल जैन, बलवीर पुत्र भाव सिंह पाल, रामबिलोकी राय पुत्र सिद्धि राय, राजू पुत्र सुरेश खटीक, रामलाल पुत्र सीताराम एवं संजीव श्रीवास्तव पुत्र शिवस्वरूप के अतिक्रमण चिन्हांकित किए गए।

इनको आज प्रशासन ने नगर पंचायत की जेसीबी मशीन द्वारा अतिक्रमण तोड़े गए। उक्त अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी करैरा अंकुर रवि गुप्ता, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जीडी शर्मा, तहसीलदार जीएस बैरवा, नगर निरीक्षक अमित सिंह भदोरिया, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी गण, नगर पंचायत का संपूर्ण अमले की उपस्थिति में नगर पंचायत की मशीन द्वारा अतिक्रमण तोड़ा गया। उपरोक्त अतिक्रमण कर्ताओं से अतिक्रमण तोड़ने की पहले मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमण कर्ताओं को सूचना पत्र जारी कर अतिक्रमण कर्ताओं द्वारा उपस्थित होकर प्रथक प्रथक जवाब लिए गए थे। उक्त प्रकरण में न्यायालय तहसीलदार ने आदेशित किया कि कस्बा करैरा शासन की शासकीय महाविद्यालय की बेशकीमती भूमि सर्वे नंबर 1996, 1997, 2033/3,2034 पर अतिक्रमण कर्ताओं द्वारा अतिक्रमण करना एक गंभीर मामला है। इससे महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं अन्य नागरिकों के अधिकार भी प्रभावित होते हैं। उपरोक्त प्रकरण में संलग्न दस्तावेजों से अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया जाना सिद्ध होता है।

सुरक्षित करने इस भूमि पर करेंगे पौधारोपण

उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय की बाउंड्री के बाहर लगभग 40 फुट तक शासकीय भूमि निकली है जो लगभग 20 हजार वर्ग फुट अतिक्रमण फोर लाइन फ्रंट में था। यह भूमि ही लगभग तीन करोड रुपये थी जिसे पूरी तरह से जमींदोज किया गया। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाये गए स्थान पर फैंसिंग कर जल्दी ही पौधारोपण भी किया जाएगा जिससे शासकीय भूमि हमेशा के लिए सुरक्षित हो सके।

Posted By: Ajaykumar.rawat

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