शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

जिले में बीआरसीसी और एपीसी बनने के लिए 16 अगस्त को परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा देकर बीआरसीसी और एपीसी का पद पाने की इच्छा रखने वाले जिले में 65 शिक्षक सामने आए। इन 65 शिक्षकों में से 47 शिक्षक बीआरसीसी बनना चाहते थे, जबकि चार शिक्षक एपीसी की दौड़ में शामिल थे। इसके अलावा 14 शिक्षक ऐसे थे जो बीआरसीसी अथवा एपीसी में से कुछ भी बनने तैयार थे। फार्म की छंटनी के बाद 30 को अधिक उम्र अथवा प्रतिनियुक्ति समाप्त होने सहित अन्य कारणों के चलते अपात्र घोषित कर दिया गया है। अब बीआरससी और एपीसी बनने की रेस में सिर्फ 35 शिक्षक ही बचे हैं। यह 35 परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें से आठ बीआरसीसी और चार एपीसी चुने जाएंगे।

नियमों ने कई के अरमानों में पर फेरा पानी

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा बीआरसीसी व एपीसी बनाने के लिए परीक्षा के आयोजन के साथ-साथ जो नियम बनाए उन नियमों ने कई शिक्षकों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। सूची में शामिल 30 शिक्षक तो वह हैं जिन्होंने फार्म भरा था। इसके अलावा दर्जनों शिक्षकों ने नियमों को ध्यान में रखकर बीआरसीसी या एपीसी बनने के लिए फार्म ही नहीं डाला है। वर्तमान में पद आसीन कई लोग भी नियमों के चलते अपने अरमानों को दबा गए हैं।

कौन क्यों किया गया अपात्र

सीएमराइज स्कूल में चयनः तेज सिंह जाटव, अचल सिंह कुशवाह, राकेश शर्मा, मुकेश शर्मा, शिवकुमार लोधी, विष्णु कुशवाह, योगेंद्र दादौरिया, संजय जैन, बिजेंद्र राठौर।

परिवीक्षा अवधि पूरी न होने के कारणः सिद्धार्थ कौरव, दिलीप कुशवाह, अमित पुजारी, अनिल यादव, विनोद गुप्ता, राजकुमार लोधी, दीप्ति कुशवाह, शैलेष राहोरा, विकास शर्मा, विक्रम परिहार, शत्रुध्न सिंह पवैया, अवधेश श्रीवास्तव और नीलेश चौधरी।

अन्य शाला में पदांकन की कार्रवाई प्रचलितः संजीव अग्रवाल, विनोद तिवारी।

अधिक उम्र के चलते अपात्रः राजेश कम्ठान, प्रहलाद गंधर्व, घूमन गोलिया।

अन्य जिले के होने के चलतेः अरविंद ज्योतिषी।

एपीसी के लिए यह हुए अपात्रः रमन पुरोहित और नरेंद्र श्रीवास्तव ने एपीसी के लिए आवेदन किया था। उन्हें परिवीक्षा अवधि पूरी नहीं होने के कारण अपात्र माना गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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