शिवपुरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

अगस्त के पहले हफ्ते में जिले में आई बाढ़ तो बीत चुकी है, लेकिन इन दिनों इससे पीडितों के आवेदनों की बाढ़ आ गई है। हर दिन तीन हजार के लगभग आवेदन महिला एवं बाल विकास विभाग के पास मुआवजा राशि के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि प्रशासन का बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे पूरा हो चुका है। जिले में 14 करोड़ रुपये की राशि राहत और मुआवजे के तौर पर दी जा चुकी है। इसमें आवास और अन्य नुकसान की राशि है। वहीं 5 करोड़ रुपये के बिल और स्वीकृत हो गए हैं जिसकी राशि भी जल्द ही आवंटित कर दी जाएगी। इसके बाद भी हर दिन हजारों लोगों का मुआवजे के लिए पहुंचना सर्वे कार्य को कटघरे में खड़ा कर रहा है। इससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पटवारियों ने ठीक से सर्वे कार्य नहीं किया है जिसके कारण सभी लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जा सका है।

हर मंगलवार भी कलेक्ट्रेट में बाढ़ पीडितों की भीड़ राहत की उम्मीद में देखी जा सकती है। फिलहाल अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर विभाग ने इन आवेदनों की छटनीं शुरू कर दी है। इन सभी के रिकॉर्ड कंप्यूटर में दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए तहसील कार्यालय भेजे जा रहे हैं। जहां से इन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के आवेदनों के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को नोडल बनाया गया है। 1 सितंबर से लेकर अब तक यहां पर 18 हजार और कुल 22 हजार से अधिक आवेदन मुआवजे की मांग को लेकर आए हैं। इनकी एंट्री और आगे की प्रक्रिया के लिए विभाग ने अलग से कर्मचारी भी लगा रखे हैं। आवेदनों की बढ़ती संख्या के बाद अब विभाग ने इसकी रिसीविंग की स्लिप भी देना बंद कर दिया है।

शहरी क्षेत्र से अधिक आवेदन

ग्रामीण अंचल के साथ शहर में भी बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ था। कई मोहल्ले हफ्ते भर तक पानी में डूबे रहे। लोगों के घरों में पानी भरने से इलेक्ट्रोनिक उपकरण सहित राशन का सामान खराब हो गया। इन दिनों जो आवेदन आ रहे हैं उसमें 60 प्रतिशत से भी अधिक आवेदन शहरी क्षेत्र से हैं। इसमें भी सबसे अधिक आवेदन मुस्लिम बस्तियों के हैं। इसके अलावा कोलारस, पोहरी, बैराड़, नरवर, बदरवास क्षेत्र से भी काफी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।

बाढ़ की आढ़ में मुआवजा वसूलने घर के हर सदस्य का अलग आवेदन

इन दिनों जो आवेदन महिला एवं बाल विकास विभाग में आ रहे हैं उनसे कुछ आवेदन ऐसे भी हैं जिनमें एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग मुआवजा मांग रहे हैं। पुरानी शिवपुरी क्षेत्र के एक मुस्लिम परिवार के 12 सदस्यों ने मुआवजे के लिए अलग-अलग आवेदन दिया है। यह आवेदन ऐसे हैं कि इसमें घर के पते से लेकर नुकसान तक सभी कुछ एक जैसा है सिर्फ आवेदक के नाम ही बदले गए हैं। लोग बाढ़ की आढ़ में ज्यादा से ज्यादा मुआवजा वसूलने के फेर में हैं। विभाग ऐसे आवेदनों की भी अलग से लिस्टिंग कर रहा है जिसमें एक ही घर के सदस्य अलग-अलग आवेदन दे रहे हैं। इनके आवेदनों को बाद में खारिज किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी इतने अधिक आवेदन हैं कि इन्हें अलग से छांट नहीं पा रहे हैं। सभी एंट्री होने के बाद इनकी स्क्रूटनी की जाएगी।

जिले में इतना हुआ था नुकसान

- 45868 लघु एवं सीमांत कृषकों की 36330 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ।

- 2 हक्टेयर से अधिक वाले 12475 किसानों के 20682 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ।

- 572 हैंडपंप व पेयजल योजनाओं का नुकसान हुआ।

- बाढ़ में करीब 1232 पशुओं का नुकसान हुआ।

- करीब 5915 मकानों को नुकसान हुआ जिनके लिए करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होगा।

- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-1 व 2 की 137 सड़कों को नुकसान हुआ।

- जल संसाधन विभाग की 101 योजनाओं को क्षति पहुंची है।

- लोक निर्माण विभाग की योजनाओं को लगभग 16.34 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची।

- महिला एवं बाल विकास विभाग की 411 योजनाओं को क्षति पहुंची जिसकी अनुमानित राशि 724.13 लाख रुपये है।

- नगरीय क्षेत्र में करीब 14 किमी की 452 लाख रुपये की सड़कों की क्षति हुई है।- आरईएस की 56 योजनाओं को करीब 567 लाख रुपये की क्षति पहुंची है।

- सभी विभाग मिलाकर करीब 301 करोड़ रुपये की प्रशासनिक क्षति हुई है।

(*अगस्त में शासन को भेजी रिपोर्ट के अनुसार, इसमें बदलाव संभव है)

इनका कहना है

अभी भी लगातार आवेदन आ रहे हैं और लोगों के खातों में मुआवजा राशि का वितरण भी जारी है। इससे पूरी उम्मीद है कि जिन-जिन का भी नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा जरूर मिलेगा। आवेदनों के अनुसार हम जगह चिन्हित कर वहां सर्वे दल भी भेज रहे हैं।

- अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर शिवपुरी

Posted By: Nai Dunia News Network

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