शिवपुरी(नईदुनिया प्रतिनिधि)

स्वास्थ्य विभाग में यूं तो समय-समय पर कई ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जिनमें नियम-कानूनों को ताक पर रख कर कारगुजारियों को अंजाम दिया गया है, परंतु हाल ही में एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक साल पहले नौकरी ज्वाइन करने वाले ऐसे डाक्टर को प्रभारी मंत्री के फरमान पर बीएमओ बनाया गया है, जिसकी अभी परीवीक्षा अवधि भी पूरी नहीं हुई है। इससे पूर्व प्रभारी मंत्री के अनुमोदन पर ही रातों-रात करैरा बीएमओ को बदल दिया गया था और बाद में जब मामला तूल पकड़ा तो उन्हें दोबारा से करैरा बीएमओ बना दिया गया।

जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा पवन जैन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बामौरकलां पर पदस्थ चिकित्सक डा चेतेंद्र सिंह कुशवाह को खनियाधाना बीएमओ बनाया है, जबकि उक्त चिकित्सक को डॉक्टर बने ही महज एक साल हुआ है। डा चेतेन्द्र कुशवाह ने वर्ष 2021 में नौकरी ज्वाइन की है और अभी उसकी परीवीक्षा अवधि भी पूरी नहीं हुई है। कुल मिलाकर इस मामले में प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया के फरमान पर नियम और कानूनों को ताक पर रखकर सीएमएचओ ने यह प्रभार चेतेंद्र सिंह कुशवाह को सौंपा है। यहां बताना होगा कि इससे पूर्व करैरा बीएमओ डा संतकुमार शर्मा को भी इसी प्रकार प्रभारी मंत्री के अनुमोदन पर करैरा बीएमओ के पद से हटा दिया गया था, लेकिन जब पूर्व विधायक शकुंतला खटीक ने मामले की शिकायत कलेक्टर को दर्ज कराते हुए इस स्थानांतरण का विरोध किया तो विभाग को मजबूरन डा. संत कुमार शर्मा को वापिस करैरा बीएमओ का प्रभार सौंपना पड़ा था।

सात दिन में ही बदल दिया प्रभार

यहां बताना होगा कि इससे पूर्व सीएमएचओ कार्यालय से जारी हुए एक आदेश के क्रम में 10 मई को ही डॉ अरूण झास्या को खनियाधाना बीएमओ का प्रभार 31 जुलाई 2022 तक के लिए सौंपा था। इसके बाद प्रभारी मंत्री के फरमान पर महज सात दिन के भीतर ही सीएमएचओ ने 17 मई को एक नया आदेश जारी करते हुए डॉ चेतेंद्र कुशवाह को खनियाधाना बीएमओ का प्रभार सौंप दिया है, जबकि डॉ चेतेंद्र कुशवाह इस पद पर पदस्थ होने के पात्र ही नहीं हैं।

सीएमएचओ ने डा. चेतेंद्र को खुद बताया था अपात्र

यहां उल्लेख करना होगा कि इससे पूर्व सीएमएचओ डॉ पवन जैन ने 11 मार्च को कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह को पत्र लिखा था, जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया के एक पत्र का हवाला देते हुए लिखा गया था कि प्रभारी मंत्री ने डॉ चेतेंद्र को खनियाधाना बीएमओ बनाने के संबंध में लिखा है जबकि अभी डॉ चेतेंद्र कुशवाह की परीवीक्षा अवधि ही पूरी नहीं हुई है। ऐसे में उन्हें खनियाधाना बीएमओ बनाया जाना संभव नहीं है और नियम विरूद्ध है। ऐसे में डॉ चेतेंद्र को आखिर बीएमओ कैसे और क्यों बना दिया गया, यह समझ से परे है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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