पिछोर (नईदुनिया न्यूज)।

पिछोर तहसील के ग्राम शाजापुर में अवैध रूप से बिना किसी प्रस्ताव, बिना किसी स्वीकृति के महान क्रांतिकारियों व समाज सुधारकों की प्रतिमा स्थापित करने का जो खेल पिछले कई सालों से खेला जा रहा है, उसी क्रम में सोम-मंगलवार की दरम्यानी रात अज्ञात लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडे की प्रतिमा स्थापित कर दी है। जब इस प्रतिमा को हटवाने का प्रयास किया गया तो वहां विवाद की स्थिती निर्मित हो गई। प्रशासन फिलहाल अल्टीमेटम देकर बैरंग लौट गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोम-मंगलवार की दरमियानी रात अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पिछोर मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत उमरीखुर्द के ग्राम शाजापुर में पिछोर खोड़ मार्ग से जुड़े ठुनी-ककरौआ तिराहे पर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडे की प्रतिमा स्थापित कर दी। मंगलवार की सुबह पुलिस व प्रशासन को लगी तो प्रशासनकि अमला मौके पर पहुंच कर प्रतिमा को हटवाने का प्रयास करता हुआ दिखाई दिया। इस पर ब्राह्मण समाज सहित अन्य जाति धर्म के लोग प्रतिमा को हटाने का विरोध करते हुए दिखाई। चूंकि यह प्रतिमा शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 631 पर रखी गई थी। इस प्रतिमा को रखने से पहले न तो किसी तरह की अनुमति ली गई थी और न ही कोई प्रस्ताव यहां प्रतिम स्थापित करने के लिए तैयार किया गया था। ऐसे में लोगों का कहना था कि पूर्व में पिछोर सहित आसपास के गांवों में कुछ समय में ही अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रानी अवंती बाई, रानी अहिल्या बाई, डा भीमराव अंबेडकर, स्वामी विवेकानंद और भगवान बुद्ध की प्रतिमा बिना प्रशासनिक अनुमति के रखी गई हैं। अवैध रूप से स्थापित की गई यह प्रतिमाएं जब नहीं हटी हैं तो फिर मंगल पांडे की प्रतिमा आखरि क्यों हटाई जाए?

इनका कहना है...

हां, प्रतिमा रखने की खबर मिलने पर हम मौके पर गए थे वहां उपस्थित जनसमुदाय ने आपस में चर्चा कर हटाने ना हटाने पर निर्णय लेने की बात कही है। अब उनको दिए गए समय पर उनके जवाब आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

बिजेंद्र यादव, एसडीएम पिछोर

Posted By: Nai Dunia News Network

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