करैरा (नईदुनिया न्यूज)।

करैरा अनुविभाग के आदर्श ग्राम सिरसौद पंचायत का मजरा नया अमोला में रहने वाले 3700 मतदाता 15 साल बाद आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से महरूम बने हुए हैं। जब अमोला के मतदाताओं को 15 साल पूर्व विस्थापित कराया था तब शासन प्रशासन द्वारा कई प्रकार से मदद देने का वादा किया गया था। इन लोगों का नाम सिरसौद पंचायत से भले ही जोड़ गया हो, लेकिन आज भी बिना शासन की योजनाओं से विस्थापित होने के बाद इनको जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हमारे गांव नया अमोला को सिरसौद पंचायत अलग किया जाए।

जल संसाधन विभाग के द्वारा जब अमोला को बसाया गया था तब वहां पानी की पाइप लाइन डाली गई जो आज तक चालू नहीं हुई है। एक सड़क है जो उबड़ खाबड़ बनी है। हाइ मास्ट लाइटें लगी लेकिन करंट नहीं आया। इसी तरह उप स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग बनी लेकिन डाक्टर नहीं हैं। पूजा अर्चना करने को मंदिर बने लेकिन भगवान की मूर्ति आजतक स्थपित हो सकी। यही हाल स्कूलों का है। एहसाल अली का कहना है कि हमारे यहां कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। सड़कें बनी नहीं हैं, बिजली के तारों में करंट नहीं आता है। पानी की टंकी बनी है, लेकिन उसमें पानी नहीं भरा जाता है। सिरसौद पंचायत से हमारे गांव अमोला को अलग किया जाए जिससे हमें शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। वहीं शसपाल सिंह चौहान ने कहा कि पिछले 15 सालों में किसी सरपंच ने यहां पर विकास नहीं कराया है। इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है।

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