शिवपुरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

राजस्व विभाग में बिना घूस दिए शायद ही कोई काम हो पाता हो। पटवारियों को नियमानुसार काम करने के एवज में भी पहले रिश्वत लगती है, इसका एक और उदाहरण रन्नाौद के ग्राम सुनाज से सामने आया है। यहां पदस्थ पटवारी ने पिछले एक महीने से गांव के 18 किसानों में से एक किसान का भी सीमांकन नहीं किया है, क्योंकि किसान पटवारी द्वारा मांगी जा रही रिश्वत देने में अक्षम हैं। ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप मामले की शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अब भी सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें धरना देने पर मजबूर होना पड़ेगा।

जानकारी के अनुसार ग्राम सुनाज के करीब 18 ग्रामीणों ने एक से दो माह पहले अपनी जमीनों के सीमांकन करवाने के लिए आवेदन दिए थे। निर्धारित समय सीमा निकलने के बाद जब ग्रामीणों के अनुसार जब उन्होंने पटवारी से सीमांकन के लिए कहा तो पटवारी ने एक सीमांकन के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। वह पटवारी को रिश्वत देने में अक्षम रहे, जिसके चलते पटवारी ने उनका सीमांकन नहीं किया। वह अब आज-कल करके सीमांकन में टाल-मटोल कर रहा है। यही वजह है कि वह अपनी जमीनों तक को नहीं जोत पा रहे हैं। जिन ग्रामीणों के सीमांकन नहीं नहीं किए गए हैं उनमें घनश्याम आदिवासी, सावदी पुत्र फोदा, गुलाबबाई पत्नि सीताराम पाल निवासी सुनाज, परसादी पुत्र मिश्रा, सहित कई गामीण शामिल हैं। हालांकि इस मामले में पटवारी का कहना है कि वह पिछले 15 दिन से बीमार है और उसने तहसीलदार को इस संबंध में अवगत करा दिया है। पटवारी का कहना है कि उसने कोई रिश्वत नहीं मांगी है, ग्रामीणों के आरोप निराधार हैं।

सर! मड़ीखेड़ा से जुड़वा दो कॉलोनी के नल

शहर के मेडीकल कॉलेज के पास बनी न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तात्याटोपे नगर के रहवासी इन दिनों पेयजल संकट से परेशान हो रहे हैं। यह हाउसिंग बोर्ड नगर पालिका द्धारा अधिकृत है और इस समय लगभग 461 परिवार निवास कर रहे हैं। इन दिनों सभी परिवार पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत लगाई लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। नगर पालिका के अधिकारियों से भी बातचीत की लेकिन कोई हल नहीं निकला। बता दें कि हाउसिंग बोर्ड द्धारा मड़ीखेड़ा परियोजना से जोउ?ने के लिए अलग से 20 लाख रूपए का भुगतान नगर पालिका को पूर्व में ही किया जा चुका है। इसलिए हमारी कॉलोनी में मड़ीखेड़ा की पाइप लाइन जुड़वाकर पेयजल सप्लाई शुरू की जाए।

पति दूसरों से संबंध बनाने के लिए बनाता है दबाब

रेखा नाम की एक महिला ने मंगलवार को आयोजित हुई जनसुनवाई में बताया कि उसका विवाह 2003 में श्रीपत पुत्र लल्लू कुशवाह के साथ हुआ था। विवाह के बाद उसके पांच बच्चे हुए जिनमें से चार पुत्रियां व एक पुत्र है। रेखा ने बताया कि उसका पति का व्यवहार सही नहीं है। वह आए दिन किसी न किसी बात को लेकर उसकी मारपीट करता रहता है। पति कई बार अपने परिचित व्यक्तियों को घर लाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध स्थापित करने के लिए दबाव बनाया जाता है। महिला के अनुसार जब ऐसा करने से मना किया तो कमरे में बंद कर मारपीट की जाती है। इतना ही नहीं पति नशीली दवाओं का सेवन कर उसके साथ आप्राकृति कृत्य भी करता है। महिला के अनुसार आज भी शउसके शरीर पर मारपीट के निशान मौजूद है। मारपीट से परेशान होकर मैं अपने दो बच्चों के साथ शिवपुरी मायके आ गई। यहां भी पति उसे फोन पर बार-बार धमकाता है कि अगर पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देगा। इसलिए मामले में कार्रवाई जाए।

खसरों में जमीन पर चढ़ गया किसी और का नाम उसे सही करवाएं

जनसुनवाई में आए महतवा भग्गा तिजिया पुत्र खुसला जाटव निवासी ग्राम सजाई तहसील बदरवास ने बताया कि उसकी भूमि सजाई रन्नाौद में है। वर्तमान में खसरों में उक्त भूमि सर्वे नंबरों में हल्की तिया पुत्री मुल्ला जाति गड़रिया का नाम अंकित हो गया है जो कि गलत तरीके से हो गया है। इस जमीन पर पूर्वजों के समय से काबिज होकर आज तक खेती करते चले आ रहे हैं। इसलिए हल्की तिजिया का नाम हटाया जाए और हमारा जोड़ा जाए।

पात्र होने के बाद भी हटा दिया आवास योजना से नाम

रामकली पत्नी चेंऊराम निवासी सेवड़ा ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह गरीब है और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है। उसके पास रहने तक को घर नहीं है, यही कारण है कि अभी उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम आया था। रामकली के अनुसार आवास योजना में नाम आने से वह खुश थी कि अब उसका आशियाना बन जाएगा,लेकिन पता नहीं कैसे उसे अपात्र कर दिया गया। महिला ने गुहार लगाई है कि उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में दोबारा जुड़वाया जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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