शिवपुरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

अति कुपोषित मुस्कान को भले ही कल तक जिला अस्पताल में अनाथों की तरह ट्रीट किया जा रहा था। पूरे शरीर में जले होने जैसे निशानों से ग्रस्त महज 1 साल की मुस्कान को अस्पताल के पलंग पर संवेदनहीनता के साथ लेटाया गया था वही मुस्कान अब एसएनसीयू में साफ-सुथरे पलंग पर है और न केवल उसकी मरहम पट्टी की जा रही है बल्कि पूरे समय एक नर्स उसकी देखभाल में खड़ी है। दरअसल ये परिवर्तन इसलिए नहीं है कि अचानक से अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों की संवेदनशीलता जाग गई, बल्कि सोमवार की शाम प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को आना था और मंत्री की आमद ने मुस्कान के प्रति अस्पताल का रवैया अचानक से बदल दिया। कल तक अनाथों की तरह दर्द से करहा रही मुस्कान को कोई हाथ तक लगाने वाला नहीं था। आज उसी अस्पताल में मुस्कान को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था।

मदद के लिए राशि जुटाने लगे अधिकारी

मीडिया के माध्यम से मुस्कान का मर्म और स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिम्मेदारों की संवेदनहीनता सामने आने के बाद अधिकारियों का भी रवैया बदल गया है। सोशल साइट पर मदद के लिए कुछ जागरूक लोगों ने मुहिम शुरू की तो अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इससे जुड़ गए। सांसद केपी यादव ने 20 हजार रुपए, महिला बाल विकास अधिकारी देवेंद्र सुंदरयाल ने 10 हजार रुपए, विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने 10 हजार, कलेक्टर ने आदिमजाति विभाग के माध्यम से 5 हजार, एसपी चंदेल ने 5 हजार की सहायता राशि दी है। हालांकि अधिकारियों के अलावा कई सामाजिक लोग भी मुस्कान की मदद के लिए आगे आए हैं। राशि जुटा रहे हैं। अब तक करीब 1 लाख रुपए की राशि मुस्कान की मदद के लिए जुटा ली गई है।

11 कैप्शन : मुस्कान की देखरेख के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और नर्स को तैनात कर दिया वही इसकी देखरेख कर रही है।

12 क्ैप्शन : रविवार को मुस्कान की हालत कुछ इस तरह से हो गई थी कि कभी भी कुछ हो सकता था।

Posted By: Nai Dunia News Network