कहा-कोई भी परेशानी हो तो 1909 पर कॉल करें

शिवपुरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श को पहचानें। व्यवहार गलत लगने पर तत्काल विरोध करें फिर चाहे सामने वाला व्यक्ति पहचान का ही क्यों न हो। अपने माता-पिता के अलावा अन्य किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें। यह बात बाल संरक्षण अधिकारी राघवेन्द्र ने बुधवार को पुलिस लाइन शासकीय माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कही। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें छात्राओं को समझाइश दी गई कि असुरक्षित स्पर्श महसूस होने पर खुलकर विरोध करना चाहिए। ऐसा नहीं कि इस तरह की हरकत कोई अंजान व्यक्ति ही करे। जान-पहचान वाला व्यक्ति या पड़ोसी भी इस तरह का कृत्य कर सकता है। कई बार लालच देकर या डरा-धमकाकर भी इस तरह के कृत्य होते हैं।

ऐसे मौके पर शोर मचाकर लोगों को एकत्रित करें। ममता सामाजिक संस्था की कोऑर्डिनेटर कल्पना रायजादा ने बच्चों को समझाया कि हर छोटी-बड़ी घटना के बारे में माता-पिता को बताएं, शिक्षकों से चर्चा करें या फिर चाइल्ड लाइन 1098 नंबर पर शिकायत करें। पुलिस को 100 नंबर पर फोन करके भी मदद ली जा सकती है। कार्यक्रम में महिला व बाल विकास के सामाजिक कार्यकर्ता जीतेश जैन ने भी बच्चों को उनके अधिकारों तथा सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए प्रेरित किया।

स्कूल न जाने वाले बच्चों के परिजनों की होगी काउंसलिंग

स्कूल की प्राचार्य मीना ओझा ने बाल संरक्षण अधिकारी को बताया कि स्कूल में दर्ज अनेक बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आते, कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की, किंतु फिर भी वे स्कूल नहीं आ रहे है। शर्मा को अनुपस्थित रहने वाले 45 छात्र-छात्राओं की सूची उपलब्ध कराते हुए बताया कि यह बच्चे पिछले 2 माह से नियमित स्कूल नहीं आ रहे हैं। शर्मा ने स्कूल प्रबंधन को भरोसा दिलाया कि वे अनुपस्थित छात्र-छात्राओं के परिजनों व स्वयं बच्चों की काउंसलिंग करेंगे। बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।

1 कैप्सन-बाल संरक्षण अधिकारी राघवेन्द्र शर्मा छात्राओं को गुट टच और बैड टच की जानकारी देते हुए।

Posted By: Nai Dunia News Network