- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई करोड़ों की शासकीय भूमि

- ग्राम दुर्गापुर के सर्वे नं 0744/1 को ग्राम पौठयाई का 410/1 बनाकर कराई गई रजिस्टी

- तहसील के रिकॉर्ड मे विक्रय से वर्जित जमीन भूमि दर्ज होने एवं नामांतरण नहीं होने के बाद भी शासकीय भूमि पर धडल्ले से निर्माण कार्य जारी

खनियांधाना। नईदुनिया न्यूज

जिले के खनियांधाना तहसील के ग्राम पौठयाई मे शासकीय जमीन को भूमाफिया की नजर लगने का खामियाजा शासन को अपनी करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन भूमाफिया के चंगुल मे गंवाकर चुकाना पड़ रहा है। खनियांधाना का ग्राम दुर्गापुर जो कि गा्‌रम पौठयाई की सीमा से लगा हुआ है। गा्‌रम दुर्गापुर का सर्वे नं 744/1 जो कि दुर्गापुर और पौठयाई की वन विभाग की सीमा में है। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की मिली भगत से इस सर्वे नंबर को ग्राम दुर्गापुर की जगह पौठयाई में 410/1 बनाया गया। इस विक्रय से वर्जित जमीन को नगर के भू माफिया को मुकेसर पत्नी स्व. पातीराम प्रजापति व प्रकाश पुत्र पातीराम के विक्रय पत्र के आधार पर रजिस्ट्री कराई गई है। जबकि जिस जमीन की रजिस्ट्री कराई गई है, वह पौठयाई ग्राम की शासकीय भूमि है। जिस सर्वे नंबर को आधार बनाया गया है, वह जमीन दुर्गापुर की है। यह भूमि शासकीय पट्टे की है, जिसका विक्रय पत्र विक्रेता प्रकाश पुत्र पातीराम कुम्हार निवासी ग्राम भीमपुर तहसील नरवर कृषक ग्राम पौठयाई तहसील खनियांधाना के द्वारा गलत जमीन को कराया गया है। वर्तमान में भी इस सर्वे नंबर की जमीन तहसील के रिकॉर्ड में यह भूमि खतौनी मे विक्रय से वर्जित बताई जा रही है। इस शासकीय भूमि की रजिस्ट्री देवकी पत्नी शिशुपाल यादव, दीपक पुत्र रमेश परिहार, आशाराम पुत्र श्यामलाल स्मिता जैन पत्नी अभिषेक जैन, रामकिशोर पुत्र श्यामलाल परिहार, भारती पत्नी देवेंद्र कुमार के नाम से साल 2019 में की जा चुकी है।

अधिकारी कहते हैं कि वह भूमि शासकीय है ही नहीं और भू स्वामी ने भूमि किसी को नहीं बेची। फिर जो रजिस्ट्री 11-05-2019 की उक्त क्रेताओं के नाम की आई है, वह कैसे हो गई। इस शासकीय भूमि की रजिस्ट्री होने के पहले ही इसकी शिकायत रामकुमार परिहार पुत्र हरप्रसाद परिहार ने उप पंजीयक खनियांधाना से की थी, लेकिन रजिस्ट्री हो गई।

शिकायत कर्ता नितेन्द्र चौबे पुत्र नवल किशौर चौबे ने बताया कि इस शासकीय भूमि पर नगर के भूमाफिया की काफी लंबे अरसे से नजर थी। इसकी शिकायत रजिस्ट्री की भनक लगते ही उपपंजीयक सहित सभी सक्षम अधिकारियों से की गई थी। इसके बाद भी इसकी रजिस्ट्री करवा दी गई है। इस पूरे मामले में तहसीलदार दीपक शुक्ला अभी शिकायत का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक भूस्वामी शिकायत नहीं करेगा तो हम कार्रवाई कैसे कर सकते हैं।

- यह जमीन विक्रय से वर्जित है, मैंने इन लोगों से मना भी किया था। तीन बार जाकर काम भी रोका था। फिर से लोग बार बार काम लगा लेते हैं। इस जमीन पर निर्माण कार्य की अनुमति सक्षम अधिकारी से नही ली गई हैं। इस भूमि का नामंतरण भी नही हुआ है, फिर भी निर्माण कार्य जारी है, जो कि गलत है।

- अनिल इक्का पटवारी खनियांधाना।

- यह भूमि भू स्वामी प्रजापति की है। निर्माण कार्य भूमि स्वामी अपना बता रहा है जब तक भूमि स्वामी शिकायत नहीं करता है तो कोई कार्यवाही कैसे होगी।

दीपक शुक्ला तहसीलदार खनियांधाना

- यह जमीन चरनोई भूमि है। इस अवैध निर्माण कार्य को रोकने का अधिकार तहसीलदार को है, हमें नहीं।

विशाल यादव, पंचायत सचिव पौठयाई, खनियांधाना।

- विक्रय से वर्जित भूमि को उप पंजीयक के द्वारा कैसे रजिस्ट्री करवा दी गई है, यह जांच का विषय है। बिना नामांतरण के निर्माण कार्य कैसे हो रहा। बिना अभिलेख जांचे कैसे रजिस्ट्री हो रही है, इसकी जांच होगी। पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करूंगा।

- आरके चौकीकर, अनुविभागीय अधिकारी, पिछोर।

1 शासकीय भूमि, जहां पर चल रहा है नामांतरण न होने के बाद भी चल रहा है निर्माण कार्य।

Posted By: Nai Dunia News Network

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