- परिवहन विभाग को 7 दिन में कोर्ट में पेश करना होगा अपना जवाब

शिवपुरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

स्मार्ट चिप कंपनी का ठेका दो साल पहले निरस्त होने के बाद भी यह कंपनी परिवहन विभाग में काम कर रही है। कंपनी द्वारा हर ट्रांजेक्शन पर कंपनी द्वारा 70 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। कंपनी द्वारा ट्रांजेक्शन चार्ज के नाम पर यह राशि वसूली जाती है। इसे लेकर शिवपुरी निवासी विजय शर्मा ने अधिवक्ता सुनील जैन के माध्यम से जनहित याचिका दायर की थी। इस पर हाइकोर्ट की युगलपीठ ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर आवश्यक रूप से जवाब पेश किया जाए।

जानकारी के अनुसार इस मामले में याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि परिवहन विभाग ने स्मार्ट चिप कंपनी को ठेका दिया है। अगर कोई व्यक्ति परिवहन विभाग का कोई शुल्क जमा करता है, तो उस शुल्क को जमा करने के लिए 70 रुपये अतिरिक्त जमा करने पड़ते हैं। यह राशि स्मार्ट चिप कंपनी को जाती है। जबकि मध्य प्रदेश परिवहन विभाग व केंद्रीय परिवहन विभाग के बीच जो करार हुआ है, उसके अनुसार ये सेवाएं निशुल्क दी जानी चाहिए। पूरे प्रदेश से प्रतिदिन 6 करोड़ रुपये स्मार्ट चिप कंपनी को जा रहा है। स्मार्ट चिप कंपनी का ठेका दिसंबर 2018 में खत्म हो गया, बावजूद इसके ये कंपनी विभाग में कार्य कर रही है। इसके अलावा ट्रेजरी में चालान पेश करके कोई व्यक्ति रसीद पेश करता है, तो परिवहन विभाग उसे मानता नहीं है। स्मार्ट चिप कंपनी के माध्यम से ही शुल्क जमा करने के लिए बाध्य करता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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