शिवपुरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले में नवीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत सीएचओ, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, एमपीएस आदि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को एनसीडी स्क्रीनिंग व एप पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एनसीडी प्रशिक्षण जिला कार्यक्रम प्रबंधक डा. शीतल प्रकाश व्यास व एम एंड ई ऑफिसर जिनेंद्र जैन व डीसीएम आनंद माथुर द्वारा प्रदान किया गया। जिले में वर्ष 2021 में नवीन 119 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर की स्थापना की जाएगी।

सीएमएचओ डा. एएल शर्मा द्वारा एनसीडी बीमारियों के लक्षण की पहचान कर उपचार के बारे में विस्तार पूर्वक मैदानी कार्यकर्ताओं को समझाया गया। उन्होंने बताया गया कि हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर टेलीमेडिसिन की सुविधा एवं पदस्थ सीएचओ को लैपटॉप भी प्रदाय किए गए हैं जिसकी सहायता से वे जिला अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से वीडियो कॉल करके ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को उनकी बीमारियों के लिए सलाह एवं उपचार प्रदाय कराएंगे। जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचल में मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं आसानी से टेलीमेडिसिन के माध्यम से मिल सकेगी।

डा. शर्मा ने बताया गया कि एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों को बीपी एवं शुगर की एक माह की दवाइयां हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर से मुफ्त प्रदाय की जाएगी। डा. शर्मा द्वारा आमजन से अपील की गई है कि मैदानी कार्यकर्ताओं जैसे आशा, एएनएम, एमपीडब्ल्यू द्वारा सभी विकासखंडों के घरों का सर्वे करते समय उनका सहयोग करें एवं बीमारियों का समय पर उपचार लें।

डीपीएम डा. शीतल व्यास ने बताया कि हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के अंतर्गत प्रमुख रूप से नॉन कम्युनिकेबल डिसीज (एनसीडी) जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर आदि बीमारियों हेतु आशा कार्यक्रर्ता द्वारा प्रत्येक घर का सर्वे कर परिवार प्रपत्र सीबेक फार्म भरा जाएगा। सीबैक फार्म 30 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों महिला व पुरुष का भरा जाएगा। सीबेक फॉर्म के द्वारा व्यक्तियों को होने वाली नॉन कम्युनिकेबल डिसीज की रिस्क का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रमुखता से उनकी स्क्रीनिंग एएनएम द्वारा की जाएगी। एमपीडब्ल्यू द्वारा बीपी मशीन से ब्लड प्रेशर की जांच की जाएगी। ग्लूकोमीटर के द्वारा डायबिटीज की जांच की जाएगी तथा कैंसर के लक्षणों का चिन्हांकन किया जाएगा। उक्त लक्षणों के आधार पर एएनएम उनका उपचार चिकित्सक की सहायता से सुनिश्चित कराएगी।

एनसीडी एप में होगी मरीजों की एंट्री

एनसीडी के अंतर्गत चिन्हित मरीजों की एंट्री एनसीडी एप में की जाएगी। उक्त एप का विश्लेषण जिला एवं विकास खंड स्तर पर किया जाएगा। किस क्षेत्र से किस बीमारी के मरीज चिन्हांकित किए गए हैं, इसकी भी समीक्षा की जाएगी। उक्त आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर उनका उपचार एवं रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close