Shivpuri News: शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुरूवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित प्रताप सिंह तोमर के निर्देशन में यातायात पुलिस ने स्कूल बसों की जांच की। जांच के दौरान करीब 200 बसों की जांच की गई और जांच में 65 बसें अनफिट मिलीं। इन अनफिट बसों में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इन सभी 65 बसों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इसमें सेंट चार्ल्स स्कूल की 11 बसें, सेंट बेनेडिक्ट स्कूल की चार बसें, किड्स गार्डन स्कूल की सात बसें, जीके हेरिटेज स्कूल की आठ बसें, हैप्पीडेज स्कूल की पांच बसें शामिल हैं।

नामी स्कूलों की बसों में खामियां

कार्रवाई में केंद्रीय विद्यालय, बचपन स्कूल, कोलारस पब्लिक, जैक एंड जिल, इनोवेटिव स्कूल, हालीबड्स, ईस्टर्न हाइट्स, दून पब्लिक स्कूल, किड्जी स्कूल, गीता पब्लिक, सेंट जोन, गणेश ब्लेस्ड आदि की बसों में भी अनियमितता पाई गई। शहर के लगभग सभी नामी स्कूलों की बसों में खामियां थीं। इन प्रकरणों को न्यायालय भेजा जाएगा, बसों पर न्यायालय में चालानी कार्रवाई की जाएगी। बसों की चेकिंग के लिए पोहरी चौराहा, रेलवे क्रासिंग, ग्वालियर वायपास, झांसी तिराहा पर वाहन चैकिंग लगाई गई थी। इस दौरान यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव, सूबेदार अरुण प्रताप सिंह जादौन, सूबेदार प्रियंका घोष, एसआइ दीपक पालिया, एसआइ आदित्य प्रताप सिंह तोमर, एएसआइ कौरव, एएसआइ यतेंद्र बाथम एवं थाना कोतवाली थाना फिजिकल,थाना देहात,थाना यातायात की पुलिस मौजूद थी।

कई तरह की मिलीं कमियां

वाहन चेकिंग के दौरान ज्यादातर बसों में ड्रायवरों के पास ड्राइविंग लाइसेंस के साथ-साथ मौके पर बसों के किसी भी तरह दस्तावेज नहीं पाए गए। इसके अलावा कई बसों में कैमरे नहीं थे तो कई बसों में कैमरे लगे होने के बावजूद चालू नहीं थे। स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर, प्राथमिक उपचार की किट नहीं मिली। वाहन चालक बिना बर्दी के मिले, उनकी बर्दी पर नेम प्लेट नहीं थी। बसों में आपातकालीन खिड़कियां तो थीं लेकिन अधिकतर बसों में यह आपातकालीन खिड़कियां खुल नहीं रही थीं। वाहन चालकों के पास चरित्र प्रमाण पत्र नहीं था। स्कूल बसों में छात्राओं द्वारा यात्रा करने के क्रम में नियमानुसार महिला शिक्षिका का साथ होना जरूरी है, लेकिन कई बस ऐसी भी मिलीं जिनमें महिला शिक्षिका थी ही नहीं। कई बसों में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे।

बसों को झाड़ियों में छिपाया

यातायात प्रभारी के अनुसार जब वह अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन की तरफ से गुजरे तो सेंट चार्ल्स स्कूल की दो बसों के चालक बसों को सुनसान रास्ते पर झाड़ियों में छिपाकर खड़े थे। जब उन्होंने बस पर जाकर देखा तो बसों में बच्चे बैठे हए थे। वाहन चालकों का कहना था कि वह बस चैकिंग के चलते यहां बस छिपाकर खड़े हो गए थे। बसों में छात्राएं थीं लेकिन कोई भी महिला शिक्षिका नहीं थी। जब बच्चों से इस संबंध में बात की गई तो बच्चो ने बताया कि मेडम उन्हें छोड़कर स्कूल चली गई हैं। इसके पीछे का तर्क बताते हुए बच्चों ने बताया कि मेडम कह रही थीं कि अगर वह लेट हो गई तो स्कूल की सिस्टर उनकी अनुपस्थिति डाल देगी। स्कूल की उक्त शिक्षिकाओं की यह बड़ी लापरवाही है, क्योंकि उनकी जिम्मेदारी स्कूल पहुंचने से ज्यादा बस में सवार छात्राओं के प्रति थी।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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