Shivpuri News: शिवपुरी (नप्र)। जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में रविवार की रात आठ बजे ऑक्सीजन सिलेंडर फटने की अफवाह के बाद भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई। हालाकि ग्वालियर रेफर किए गए एक गंभीर बच्चे को लेने आई एंबुलेंस के चालक और महिला गार्ड जब सिलेंडर को ले जाने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय गलत प्रक्रिया से उसका फ्लो मीटर फटा था। आवाज आते ही सभी के साथ आक्सीजन पर भर्ती गंभीर बच्चे को लेकर भागी। लगभग आधा घंटा तक बच्चा बिना आक्सीजन के रहा, इससे उसकी मौत हो गई।

पीआईसीयू में एक बच्चा छोटू पुत्र सुरेंद्र आदिवासी उम्र एक माह उल्टी-दस्त की शिकायत के उपरांत भर्ती कराया गया था। बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी जिसके चलते उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। 108 एम्बुलेंस बच्चे को लेने आई थी। एम्बुलेंस के चालक सहित महिला गार्ड ममता ने ऑक्सीज सिलेंडर से छेड़छाड़ की जिसके चलते सिलेंडर का फ्लो मीटर फट गया।

पीआईसीयू में ब्लास्ट की आवाज के साथ अस्पताल में भगदड़ मच गई। स्टाफ सहित वहां भर्ती बच्चे और उनके स्वजन ने बाहर की तरफ दौड़ लगा दी। घटना में महिला गार्ड ममता के हाथ में चोट आई है जबकि ड्रायवर के माथे में चोट लगी। सिलेंडर फटने की खबर फैली तो कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल मय दल बल के मौके पर पहुंच गए। हालाकि सिविल सर्जन ने आर के चौधरी ने बताया कि सिर्फ सिलेंडर का फ्लो मीटर ही फटा है। हालात सामान्य होने के चलते कलेक्टर-एसपी अस्पताल से वापस लौटे।

अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाहीः पीआईसीयू के अंदर एम्बुलेंस चालक और गार्ड को अनाधिकृत रूप से आक्सीजन सिलेंडर से छेड़छाड़ करने की अनुमति आखिर किसने दी? जानकारों की मानें तो ऐसा हादसा उस समय घटित होता है जबकि निर्धारित मात्रा से अधिक रफ्तार में गैस छोड़ी जाए या फिर गलत प्रोसेस की जाए। भगदड़ में सब लोग भागे तो आक्सीजन पर भर्ती छोटू को भी उसकी मां लेकर पीआईसीयू से बाहर आ गई। करीब आधा घंटे बाद हालात सामान्य हुए, जिसके बाद छोटू को वापस पीआईसीयू में लिया गया, लेकिन तब तक छोटू की सांसें थम चुकी थीं।

घटना के बाद एम्बुलेंस सहित भागा ड्रायवरः सूत्रों का कहना है कि बच्चे को रेफर करने के लिए दस्तावेज तैयार कर लिए गए थे। एम्बुलेंस का चालक आक्सीजन सिलेंडर को एम्बुलेंस में ले जाने के लिए उसका फ्लो और ं आक्सीजन की मात्रा चेक कर रहा था। इसी दौरान हादसा घटित हुआ। नियमानुसार एम्बुलेंस के ईएमटी को पीआईसीयू में बच्चे को लेने और अन्य दस्तावेज पूरा करने के लिए आना था, लेकिन उसने खुद की जगह ड्रायवर को भेज दिया। भगदड़ मची तो चालक बच्चे को ग्वालियर ले जाने की बजाय एम्बुलेंस लेकर ही ईएमटी सहित वहां से भाग गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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