खाद की उपलब्धता के दावों के बीच किसानों की परेशानी

किसानों ने लगाया चुनिंदा लोगों को टोकन देने का आरोप, महिलाएं बोली- समिति के लोग करते हैं अभद्रता

शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रशासन लगातार इस बात का दावा कर रहा है कि जिले में खाद का कोई संकट नहीं है और मांग के एवज में पर्याप्त यूरिया और डीएपी उपलब्ध है। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जा रही है। लेकिन धरातल पर देखा जाए तो किसान खाद के लिए परेशान हो रहा है। सोमवार को बैराड़ में खाद नहीं मिलने से परेशान किसानों ने तहसील कार्यालय को घेर लिया। वे घंटों तक यहां अपनी परेशानी सुनाते रहे, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं हुआ। अंततः थकहारकर किसान ही वापस लौट गए। यहां विरोध दर्ज कराने आए किसानों के सामने खाद का यह संकट एक-दो दिन पहले नहीं आया, बल्कि उन्हें महीनेभर से खाद नहीं मिल पा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह करीब आधा सैकड़ा से अधिक किसानों ने बैराड़ तहसील का घेराव किया। उनका कहना था कि घंटों कतार में लगने के बाद भी उन्हें खाद का टोकन नहीं दिया गया। समिति के कर्मचारियों ने 30-40 किसानों को टोकन देने के बाद काउंटर बंद कर दिया। जब समिति वालों से पूछा तो उनका कहना था कि 100 किसानों को टोकन दे दिया है और अब टोकन नहीं मिलेंगे। जबकि मौके पर 100 किसानों को टोकन नहीं मिला था, सिर्फ चंद किसानों के पास ही टोकन था।

इससे आक्रोशित किसान तहसील पहुंच गए। इसमें कई बुजुर्ग किसान और महिलाएं भी शामिल थीं। देवरीकला से आए किसान ने कहा कि पिछले 15 दिन से न तो डीएपी मिला है और न ही यूरिया। जरूरत पड़ी तो मैंने 450 रुपये का कट्टा खरीदा। इतना महंगा खाद हम कहां से खरीदेंगे। इसके लिए कर्जा करेंगे तो फिर उसे चुकाएगा कौन।

अपनी परेशानी लेकर आई राधा यादव ने बताया कि मैं पिछले एक महीने से परेशान हूं। आज सुबह 6 बजे आ गई थी। कर्मचारी ने कहा कि तुम हट जाओ, नहीं हटोगी तो धक्का मार दूंगी। मेरा पहला नंबर था जिसे बाद में 253 कर दिया। जब नंबर आया तो बोल दिया कि अब खाद नहीं मिलेगी। महीनेभर से आ रही हूं, लेकिन एक कट्टा खाद का नहीं मिला है। आए दिन अभद्रता का शिकार जरूर होना पड़ता है। जबकि खाद की गाड़ी तो आ रही है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही बैराड़ में खाद का अवैध स्टाक पकड़ा गया था। इसके बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया और किसानों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं बना पाए। जबकि कलेक्टर के सभी एसडीएम को स्पष्ट निर्देश थे कि यदि खाद वितरण में अव्यवस्था फैली तो यह उनकी जिम्मेदारी होगी।

इनका कहना है...

किसान आज आए थे। उनका कहना था कि टोकन नहीं दिए गए हैं जिस पर किसानों को समझाया है। समिति वालों को भी निर्देश दिए हैं। उपलब्धता के अनुसार सभी किसानों को खाद दिलवाएंगे।

- सुनील प्रभास, नायाब तहसीलदार बैराड़

Posted By: Nai Dunia News Network

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