शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

अंतरराष्ट्रीय पालीथिन बैग मुक्त दिवस पर शक्तिशाली महिला संगठन ने ग्राम चिटोरीखुर्द में जागरूकता कार्यक्रम किया। संयोजक रवि गोयल ने ग्रामीणों को बताया कि आज के दिन का खास उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण और प्राकृतिक पर्यावरण पर इसके हानिकारक प्रभाव को रोकना है। क्योंकि आप सभी लोग जानते हैं कि प्लास्टिक पर्यावरण को बहुत ही ज्यादा नुकसान पहुंचाती है और 1 प्लास्टिक बैग को नष्ट होने में 100 से 500 साल का वक्त लगता है। उन्होंने बताया कि 5 जून से शुरू हुए अभियान के तहत इस गांव की बालिकाएं पुराने कपड़ों का उपयोग कर उनके थैले बना रही हैं। इन्हें घर-घर जाकर वितरित भी किया जा रहा है। सोनम शर्मा, भारती यादव, गंगा आदिवासी आदि सक्रिय बालिकाओं के द्वारा शक्तिशाली महिला संगठन के सहयोग से यह काम किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि देशभर में 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगा दिया गया है। केंद्र सरकार ने कुल मिलाकर 19 वस्तुओं पर बैन लगाया है। इन वस्तुओं में प्लास्टिक कैरी बैग, प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स, प्लास्टिक के झंडे और गुब्बारों की स्टिक, कैंडी स्टिक या आइसक्रीम स्टिक, प्लास्टिक की प्लेट-कटोरी, प्लास्टिक के गिलास, प्लास्टिक के चम्मच-कांटे-बर्थडे नाइफ, प्लास्टिक स्ट्रा जैसी चीजों को शामिल किया गया है। प्रोग्राम में संस्था की सुपोषण सखी भूरि आदिवासी, इंग्लिश आदिवासी, न्यूट्रीशन चैंपियन सोनम, भारती, आरती, गंगा के साथ समुदाय ने पूर्ण सहयोग किया।

शहर में धड़ल्ले से हो रहा इस्तेमाल

सरकार ने भले ही पालीथिन व प्लास्टिक के कई उत्पादों पर बैन लगा दिया है। लेकिन शहर में अभी इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। नगर पालिका की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई भी इसके लिए नहीं की गई है। कुछ सामाजिक संस्थाएं यह जिम्मेदारी निभा रही हैं। यदि पालीथिन पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई तो सरकार का यह बैन भी उपयोग साबित नहीं होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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