शिवपुरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

कन्या भ्रूण हत्या की डील के वायरल हुए सिद्धि विनायक अस्पताल के वीडियो के मामले में समय बीतने के साथ कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं। शुरुआत में पूनम खान और डील कर रहे दंपत्ति के साथ अस्पताल प्रबंधन को ही जांच के दायरे में लिया गया था। इसके बाद वीडियो में दिख रही एक और नर्स सुनीता को भी कार्रवाई की जद में लिया गया। पुलिस ने सुनीता को गिरफ्तार कर न्यायायिक हिरासत में भेज दिया। अब इस मामले में एक और नर्स प्रीति का नाम सामने आया है जिसे अभी तक पुलिस अपनी जांच में ही नहीं ले पाई है। वायरल वीडियो को ध्यान से सुनने पर इसमें नर्स पूनम खान भ्रूण हत्या कराने गए दंपत्ति से कहती है कि आप प्रीति सिस्टर के जरिए आए हो। आरोपित पूनम खान यह भी कहती है कि एमाउंट आपको उसने बता ही दिया होगा जिस पर दंपत्ति 17 हजार रुपये कहते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी इस डील के मामले में शामिल पांचवे किरदार को जांच की जद में क्यों नहीं लाया गया।

सूत्रों की मानें तो यह प्रीति सिस्टर क्लाइंट को पूनम के पास लाने का काम करती थी और इसका जिक्र वीडियो में भी है। वहीं सिद्धि विनायक अस्पताल की यह नर्स जांच के दौरान बयान देने भी नहीं आई। ऐसा बताया जा रहा है कि यह मामला खुलने के चलते 1 सितंबर से ही लंबी छुट्टी पर चली गई है। यदि पुलिस इस नर्स के कॉल डिटेल्स और अन्य चीजों की जांच करे तो इसमें पूरे रैकेट के तार जुड़ सकते हैं। यह नर्स वीडियो बनाने वाले दंपत्ति के भी संपर्क में थी और अस्पताल के भी। सवाल यह भी है कि यदि यह नर्स अस्पताल में ही काम करती है तो फिर प्रबंधन ने अब तक इसे पेश क्यों नहीं किया? कोतवाली टीआइ बादाम सिंह यादव ने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है इसमें जांच के दायरे को बढ़ा रहे हैं।

आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले 5 पर मुकदमा दर्ज, सिदि्घविनायक का पूर्व कर्मी पकड़ा

सिद्धि विनायक अस्पताल के मामले में ब्लैकमेलिंग की बात भी सामने आई थी। इसमें वीडियो बनाने वाले दंपत्ति के साथ स्थानीय मीडियाकर्मियों के नाम भी अस्पताल ने लिए थे। इसके बाद से ही इंटरनेट मीडिया पर इस मामले को लेकर बबाल मचा हुआ है। फर्जी आइडी बनाकर एक-दूसरे पर छींटाकांछी की जा रही है। अर्पित शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने फेसबुक पर आपत्तिजनक कमेंट और पोस्ट करने वाले 5 नामजद लोगों सहित अन्य के विरुद्घ पुलिस ने इन्फार्मेशन टेक्नॉलॉजी एक्ट 2000 की धारा 67 () के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्घ कर लिया है। यूआरएल नंबर ट्रेस कर सायबर सेल को इनकी जांच के के लिए दे दिया है। फिजिकल थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने जांच उपरांत सिदि्घ विनायक अस्पताल के पूर्व कर्मचारी और वर्तमान में सिदि्घविनायक अस्पताल के डॉयरेक्टर के प्रदीप मेडिकल स्टोर्स पर कार्यरत कर्मचारी पवन धाकड़ को यूआरएल आइडी सर्च के दौरान पकड़ा है। इसके मोबाइल डिवाइस में वे अभद्र कन्टेंट भी मिले हैं जो उसे एक पोर्टल के मीडियाकर्मी और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोग भेजते थे। पुलिस ने शिवपुरी का सेवक, सच की आवाज फेसबुक एकाउंट, पवन धाकड़, मयंक धाकड़ और श्याम नारायण शर्मा को नामजद किया गया है।

Posted By: Ajaykumar.rawat

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