शिवपुरी,(नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगर पालिका परिषद का पहला साधारण सम्मेलन तो हंगामे को लेकर चर्चा में रहा है, लेकिन यहां शुरू हुई कलह इसके खत्म होने के बाद भी जारी रही। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ है, जिसमें वह सांसद प्रतिनिधि रामजी व्यास के लिए कहते हुए सुनाई दे रही हैं कि उसकी किस्तम अच्छी थी, नहीं तो थप्पड़ मारकर बाहर निकालती। इसके बाद से ही राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

उल्लेखनीय है कि सम्मेलन में उपाध्यक्ष पति रामजी व्यास सांसद केपी यादव के प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए। अध्यक्ष के चुनाव के समय रामजी व्यास की पत्नी सरोज व्यास (जो कि वर्तमान में नपा उपाध्यक्ष हैं) प्रमुख दावेदार बनकर उभरी थीं। उसी समय से कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे के समर्थकों और रामजी व्यास के बीच कलह चल रही थी। सोमवार की शाम रामजी व्यास के सांसद प्रतिनिधि बनने पर कैबिनेट मंत्री के समर्थकों ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजू बाथम को ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया। उनकी मांग थी कि रामजी व्यास को पद से हटाया जाए क्योंकि उन्होंने कैनिबेट मंत्री को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की थी, जिस पर एफआइआर भी हुई है।

इसी दौरान विरोध दर्ज कराने गए भाजपाईयों में से ही किसी ने ज्ञापन देते समय का वीडियो बना लिया और बाद में उसे प्रसारित कर दिया। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा का प्रसारित वीडियो में जिलाध्ययक्ष राजू बाथम से कह रही हैं कि सासंद प्रतिनिधि हेमंत ओझा आकर बैठे थे। उसके बाद तुरंत वह उठकर बाहर गए हैं और रामजी व्यास अंदर आया है। वो तो अच्छा समय था उसका, नहीं तो आज मैं उसमें थप्पड़ देकर बाहर निकालती। मैंने पहले से कह रखी थी कि पार्षद पति अंदर नहीं आएगा, फिर मुझे सूचना क्यों नहीं दी। कलेक्टर को भी सूचना नहीं दी। फिर वह बकवास कर रहा था। वीडियो प्रसारित होने के बाद मंगलवार को गायत्री शर्मा ने भी अपनी सफाई प्रेस नोट जारी कर पेश की।

पार्टी के वरिष्ठों पर भी साधा निशानाः गायत्री शर्मा ने कहा कि मुझे तो अंत तक नहीं पता था कि यह सांसद प्रतिनिधि बनकर आए। अंत तक मुझे गुस्सा आ रहा था। यदि कोई अनहोनी होती तो जिम्मेदार कौन होता। परिषद की इतनी जिम्मेदार बैठक में इतनी ओछी हरकत क्यों की। यहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह पार्टी के वरिष्ठ लोगों ने की है न। यह आगे से नहीं होना चाहिए। इस दौरान मौजूद महिला कार्यकर्ताओं ने भी विरोध दर्ज कराया कि उन्होंने माननीय विधायक के लिए जो कि एक महिला भी हैं, उन्हें (रामजी व्यास) ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था।

वर्जन-

सम्मेलन के एक दिन पहले हमने बकायदा सभी को लेटर जारी किए थे। जब सुबह परिषद शुरू होना था तब सभी आकर बैठ चुके थे। परिषद शुरू होने के बाद पार्षद पति आता है और सासंद प्रतिनिधि को गुंडागर्दी के तरीके से उठाकर बैठ जाता है। जितनी देर परिषद चली बार-बार अवरोध पैदा करना, चिल्लाना, टेबल पीटना, बार-बार मेरी टेबल तक आना आदि से मुझे लग रहा था कि यह गुंडागर्दी कर रहा है और उधम करने की कोशिश कर रहा है। इसी आधार पर ज्ञापन बनवाया। उसी लहजे में मैंने कहा कि यह अच्छा नहीं हुआ। यदि इस तरह की गुंडागर्दी कर रहा था और मैं क्रोध में थप्पड़ मार देती तो क्या होता।

गायत्री शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष

वर्जन-

मैंने परिषद में जाते ही कलेक्टर साहब को पत्र दिखाया था, इसलिए यदि वे यह कह रहीं है कि मेरे प्रतिनिधि बनने की उन्हें जानकारी नहीं थी, तो यह गलत है। मैं तो उन्हें छोटी बहन ही मानता हूं और उन्होंने यह सब किस मजबूरी में बोला यह वही जानें। मैंने तो सम्मेलन में पेयजल, सफाई, बस स्टैंड की अस्वच्छता, क्रोसिंग की नालियों आदि के जनहितैषी मुद्दे उठाए थे। यदि शहर के विकास के लिए थप्पड़ भी खाने पड़े तो खा लेंगे।

रामजी व्यास, सांसद प्रतिनिधि (नगर पालिका)

वर्जन-

मैं पूरे जिले का सांसद प्रतिनिधि हूं और मुझे पत्र मिला तो मैं सम्मेलन में गया था। वहां पता चला कि रामजी व्यास को नगर पालिका के लिए सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया है। एक ही सम्मेलन में सांसद की ओर से दो लोगों का रहना उचित नहीं था, इसलिए मैं वापस आ गया। सिर्फ इतनी सी बात थी, मेरी किसी से नाराजगी का सवाल ही नहीं उठता है।

हेमंत ओझा, सांसद प्रतिनिधि

Posted By: Nai Dunia News Network

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