शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिध्धि)। शिवपुरी और आसपास के अंचल में बीती रात से हो रही जोरदार बारिश केकारण नदियां और नाले उफान पर हैं। कोलारस क्षेत्र के सिंध नदी पर स्थित भड़ौता रपटे पर एक टवेरा वाहन फंस गया। वाहन में सवारियां बैठीं थीं। वहीं जब ग्रामीणों ने वाहन को फंसे देखा, तो तुरंत रेस्क्यू कर वाहन में फंसे पांच लोगों को बाहर निकाला।

पुलिस एसडीओपी एएन वर्मा ने बताया कि रन्नाौद निवासी धर्मेन्द्र भदौरिया, शिवसिंह भदौरिया, रामहेत गुर्जर, लज्जााराम गुर्जर और कुसमा बाई रन्नाौद से टवेरा गाड़ी से ग्वालियर जा रहे थे। जैसे ही यह टवेरा कार सिंध नदी केभड़ौता क्षेत्र में पहुंची तो वहां रपटे के एक छोर पर सिंध का पानी रपटे के ऊपर से बह रहा था, लेकिन दूसरे रपटे पर पानी नहीं था। इसी बीच चालक ने टवेरा को रपटे से निकालने का प्रयास किया, इसी समय पानी का तेज बहाव हो गया और दोनों छोरों पर पानी आ गया। रपटे पर गाड़ी फं स गई। स्थानीय ग्रामीणों ने घटनाक्रम देखा तो मदद के लिए वे आगे आए और ट्यूब व रस्सीयों के सहारे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एसडीओपी श्री वर्मा ने बताया कि सभी सवारियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर निकाल लिया गया है। बाद में पुलिस और रेस्क्यू दल भी समय पर वहां पहुंच गया।

मड़ीखेडा डैम में भरा पानी

अंचल में हुई जोरदार बारिश के नतीजे में अटल सागर डैम में पहली बार सिंध के पानी का प्रवेश होगा, जिसे लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मड़ीखेड़ा डैम के प्रभारी वीपी कौशिक ने बताया कि सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं और जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। डैम का कुल भराव 346.25 मीटर तक है। इस लिहाज से अभी डैम खाली है और मंगलवार दोपहर तक उसका जल स्तर 326.75 मीटर बना हुआ है। बता दें कि अटल सागर डैम को भरने के लिए सिंध नदी में उफान आना जरूरी रहता है और यह उफान तब आता है जब बदरवास से लेकर गुना अशोकनगर, विदिशा और भोपाल तक तेज बारिश होती है। बीते दो-तीन दिनों से हुई बारिश केनतीजे में पहली बार सिंध नदी उफान पर आई है। उम्मीद की जा रही है कि यह सिलसिला जारी रहा तो डैम भरने के हालात निर्मित हो जाएंगे।

60 मेगा वाट की इकाई बिजली बनाने के लिए तैयार

डैम प्रभारी श्री कौशिक के अनुसार अटल सागर डैम के समीप 60 मेगावाट की तीन यूनिट स्थापित हैं। यहां 20-20 मेगावाट की तीन इकाइयों से बिजली का उत्पादन किया जाता है। यह भी तब संभव होता है, जब डैम पूरी तरह भर जाता है। पहली प्राथमिकता सिंचाई का पानी है उसकेबाद यदि अतिरिक्त पानी रहता है तो बिजली का निर्माण किया जाता है। मड़ीखेड़ा बिजली इकाई के अधिकारियों ने तीनों यूनिट की मशीनों को तैयार कर लिया है और लगातार पानी बढ़ा तो जल्दी की बिजली का उत्पादन भी शुरू हो सकता है।

अंचल में कई और नदियां उफान पर, रास्ते बंद

जिले में बीती रात से बारिश हो रही है जिसके नतीजे में कई और नदी नाले उफान पर आ गए हैं। ग्रामीण इलाकों के कई रास्ते बंद हो गए हैं। लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। शिवपुरी-श्योपुर मार्ग पर कूनो नदी के पुल के ऊपर से आ रहे उफान के कारण बंद कर दिया गया है। कूनों नदी के चढ़ जाने और पानी का बहाव तेज होने के कारण पोहरी-श्योपुर मार्ग भी बंद हो गया है। वहीं नदी का पानी पुल से ऊपर आने पर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है और पुलिस कर्मियों को भेजकर सुरक्षा में लगा दिया है ताकि कोई हादसा घटित नहीं हो सके। वहीं नदी के चढ़ाव से एक दर्जन से अधिक गांवों के आने-जाने का रास्ता बंद हो गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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