शिवपुरी। शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र के एक होटल पर काम करने वाला युवक पिछले तीन साल से कौओं की दुश्मनी झेल रहा है। बदरवास के ग्राम सुमैला में रहने वाले इस युवक का दावा है कि वह जब भी घर से निकलता है तो उस पर कौओं का एक झुंड हमला कर देता है। यह झुंड उसके सिर पर बार-बार चोट मारता है जिस वजह से वो हार से हाथ में डंडा लेकर ही बाहर निकलता है। यह सिलसिला बीते 3 सालों से चल रहा है।

3 साल पहले मार दिया था कौवे का बच्चा

शिवा ने बताया कि लगभग तीन साल पूर्व जब में अपने गांव से बदरवास की तरफ आ रहा था तो रास्ते मे कौए का एक बच्चा एक जाली में फंसा हुआ नजर आया। उसे जाली में फंसा देखकर निकालने का प्रयास किया, लेकिन कोए का बच्चा मर गया। शिवा बताता है उसके बाद से तो उसका सड़क पर निकलना ही मुश्किल हो गया ।शुरुआत में जब कौओं ने हमला किया तो उसे समझ नहीं आया, लेकिन बाद में उसे याद आया कि उसके हाथ से कौए का बच्चा मरने की वजह से वो दुश्मन बन गए हैं।

कौए का दिमाग अन्य परिंदों की तुलना में बड़ा होता है

कौए का दिमाग अन्य पक्षियों की तुलना में बड़ा होता है, इसलिए इनकी याददाश्त भी अच्छी होती है। वह आसानी से किसी इंसान के चेहरे ओर उसके व्यवहार की पहचान कर लेते हैं और उसे सालों साल तक नहीं भूलते हैं। यह अपने दोस्तों और दुश्मनो को भी अच्छी तरह से पहचानते हैं। इसलिए कोई यदि कोई कौओं या उसके अंडों को नुकसान पहुंचाए तो यह उस पर हमला भी कर देते हैं l

-डॉ सुदेश बगमरे, रिटायर्ड असिस्टेंड डायरेक्टर वन विभाग