टीकमगढ़- कुण्डेश्वर-ओरछा। नईदुनिया

मकर संक्रांति पर ओरछा और कुंडेश्वरधाम में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यह पर्व जिले भर में उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। सुबह से ही ओरछा में बेतवा नदी और कुंडेश्वरधाम में जमड़ार नदी में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ना शुरू हुई, जो दिन भर जारी रही। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ डुबकी लगाई, इसके बाद मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना कर सुख समृद्घि की मन्नतें मांगी। जिले के कई स्थानों पर मेलों का भी आयोजन किया गया। जहां लोगों की भीड़ बनी रही।

श्रीरामराजा सरकार की नगरी ओरछा की बेतवा नदी में हजारों श्रद्घालुओं ने डुबकी लगाई एवं दर्शन किए। ओरछा में सुबह से ही श्रद्घालुओं का आना प्रारंभ हो गया था। सुबह 5 बजे से ही यहां पर अपार भीड़ उमड़ देखी गई। बेतवा नदी के घाटों पर श्रीरामराजा के जयघोष के साथ लोगों ने डुबकी लगाई, यहां पर क्षेत्रीय और दूरदराज से काफी लोग आए थे। जहां नदी के घाटों पर जन समूह उमड़ रहा था, वहीं नगर के मार्गो व मंदिरों में भीड़ जुट रही थी, श्रद्घालुओं ने नदी में डुबकी लगाकर श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए। नगर और नदी के घाट जयघोष से गूंजते रहे। यहां पर विदेशी पर्यटकों ने डुबकी लगाई और उन्होंने यहां के वातावरण व धार्मिक आस्था की प्रशंसा की। बुधवार को ओरछा में वाहनों की भी भरमार रही, शाम तक श्रद्वालुओं की भारी भीड़ बनी रही।

कतार में लगकर किए दर्शन

अल सुबह से ही श्रद्धालु ओरछा पहुंचे और बेतवा के पुलघाट, कंचन घाट, शिर्डी घाट, मंगराई घाट, किले के पीछे के घाटों, जामनी पुल के घाटों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में स्नान कर भगवान राम राजा सरकार के चरणों में मत्था टेका । श्रद्धालुओं ने रामराजा के दर्शन के बाद नगर के दर्शनीय स्थल गिरवर धारी हनुमान, मौकमके हनुमान,छारद्वारी हनुमान, बजरिया हनुमान, वीर बुंदेला हरदौल जूदेव,चतुर्भुज मंदिर, केले की माता, विंध्यवासिनी माता आदि के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। साथ में ओरछा के स्मारकों में जहांगीर महल, राज महल, छतरियां, चंद्रशेखर आजाद स्मारक, राय प्रवीण महल, केशव भवन आदि स्मारकों को भी श्रद्धालुओं ने देखा और घूमा। इस दौरान पुलिस व्यवस्था दुरूस्त रहीं

कुंडेश्वर में उमड़ा भक्तों का तांता

भगवान भोलेनाथ की नगरी कुंडेश्वर में मकर संक्रांति का पर श्रद्धालुओं ने जमडार नदी सहित विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई । घरों में पारंपरिक रूप से खिचड़ी बनाई गई। इस बार मकर संक्रांति पर शोभन और बुधादित्य योग होने से स्नान, दान का महापुण्य मिलेगा। मान्यता है कि यहां जितने भी दान किए जाते हैं वे अक्षय फल देने वाले होते हैं। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष नंदकिशोर दीक्षित ने बताया कि भगवान भोलेनाथ के दर्शनों के लिए यहां महिला एवं पुरुषों के लिए बैरीकेट्स लगाकर अलग अलग व्यवस्था की गई। इसके साथ ही मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी एवं पुलिस जवानों को भी जगह जगह पर तैनात किया गया था इससे की कोई अव्यवस्था न हो सके।

नदी के घाटों पर तैनात रहे गोताखोर

मकर संक्रांति पर नदी के घाटों पर भीड़ को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से नदी के अंदर वोट पर तैराकों-गोताखोरों व पुलिस जवानों को तैनात किया गया था, इससे कोई अप्रिय घटना न हो सके। मेला ग्राउंड में मंच पर पुलिस कंट्रोल रूम बनाया गया था इससे की मेला पर स्थिति नजर रखी जा सके। यातायात व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए डाइट परिसर में दो पहिया वाहन पार्किंग लगाई गई थी वहीं सरदार सिंह पार्क में चार पहिया वाहन पार्क किए गए थे।

मेले से जमकर हुई खरीदारी

कुंडेश्वर में मकर संक्रांति पर लगने वाले मेले में यह सबसे बड़ा मेला होता है। इस मेले में दूर दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और यहां लगे मेले से जमकर खरीदारी करते हैं। यहां सुई से लेकर ट्रैक्टर तक यहां मेले में बिकने के लिए मौजूद रहता है, इसके साथ ही मेले में घर गृहस्थी का सामान व बच्चों के खेल खिलौने व खाने पीने के लिए चाट पकौड़े मौजूद रहते हैं।

गरीबों और निचले वर्ग के लिए विशेष शुभ

ज्योतिषाचार्य पं. भगवत सहाय पटेरिया के अनुसार संक्रांति के स्परूप का विचार किया जाए तो इस बार संक्रांति गदर्भ पर बैठ कर आ रही है यानी संक्रांति का वाहन गधा है। हल्का पीला वस्त्र धारण किए हुए शरीर पर मिट्टी का लेप कर रखा है। हाथ में डंडा, केतकी के फूलों की माला पहने हुए है। मकर संक्रांति का ये स्वरूप गरीबों, निर्धनों और निचले वर्ग वालों के लिए अच्छा रहेगा। इसके प्रभाव से धन की कमी दूर होगी। गल्ला के भाव स्थिर रहेंगे। खनिज वस्तुए मेवा, गुड़, शक्कर आदि के व्यापारियों को लाभ होगा। पं. पटैरिया ने बताया कि जिन जातकों की शनि की साढ़े साती, चतुर्थ एवं अष्टम ढैया चल रही है उन्हें विशेष तौर से तिल, गुड, उड़द की खिचड़ी, गर्म वस्त्र, साबूदाना, मच्छरदानी, कंबल का दान करना चाहिए।

15टीकेजी1, 15टीकेजी2, 15टीकेजी3, और 15टीकेजी4

कुण्डेश्वर स्थित जमडार नदी पर स्थित कुण्ड में डुबकी लगाते श्रद्घालु, भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते श्रद्घालु, भगवान भोलेनाथ के दर्शनों के लिए जाते श्रद्धालु, बेतवा नदी में मकर संक्राति के अवसर पर डुवकी लगाते हुए श्रद्वालु

Posted By: Nai Dunia News Network

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