टीकमगढ़(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

टीकमग़ढ़ जिला मुख्यालय पर भले ही कोरोना महामारी का एक भी संक्रमित न मिला हो, लेकिन 43 दिन बाद जतारा विकासखंड सहित नजदीकी ग्रामों में कोरोना से संक्रमित युवकों के मिलने से आम लोगों में ऊहाफोह की स्थिति निर्मित हो गई। गौरतलब है कि 17 जून को निवाडी में कोरोना महामारी के 3 संक्रमित युवक मिले थे। जिसके चलते इन लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था। लेकिन एक लंबे समय के उपरांत जतारा सहित आसपास के ग्रामों में कोरोना महामारी से ग्रसित युवक मिलने से स्वास्थ्य महकमे में भी हलचल फैल गई है। गौरतलब है कि बीते रोज ही जतारा में एक 20 वर्षीय युवक, दयाराम अहिरवार 50 वर्ष निवासी ग्राम बछो़ड़ा जतारा, आशाराम सुल्ले उम्र 30 ग्राम सतगुंवा तथा अशोक कुशवाहा 18 वर्ष निवासी ग्राम सीतापुर में युवक कोरोना महामारी के शिकार हो गए। इस संबंध में जतारा के ब्लॉक मेडीकल आफिसर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि 4 युवक संक्रमित तो हुए है लेकिन इसकी जानकारी फिलहाल मेरे पास नहीं है कि यह लोग किन स्थानों से संक्रमित हुए है। जब इस संबंध में कोविड के चिकित्सक से चर्चा की तो उन्होंने किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इंकार कर दिया। वही जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.पी.के. माहौर ने बताया कि शनिवार को जिले में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला है। फिलहाल संक्रमित न मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है।

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प्रशासनिक अधिकारियों में मची खलबली

मिली जानकारी के मुताविक बछोडा में कोरोना का मरीज मिलने की जानकारी होने पर तहसीलदार सहित लिधौरा में पदस्थ चिकित्सक ने मौके पर पहुंचकर पूरी जानकारी हासिल की, वही लिधौरा अंतर्गत सतगुवां में कोरोना संक्रमित युवक की जानकारी मिलने पर तहसीलदार तथा कोविड के चिकित्सक ने जानकारी खंगाली तथा युवक को घर पर ही क्वारंटाइन कर दिया। वही जतारा में युवक के संक्रमित होने की जानकारी मिलने पर एसडीएम,तहसीलदार के अलावा सवास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घर के वाहर वेरीकेटस लगाकर परिवार के सदस्यों को क्वारटाइन कर दिया गया। जबकि एक युवक पलेरा अंतर्गत गांव का मिलने की जानकारी होने पर जब तहसीलदार सहित चिकित्सक मौके पर पहुंचे तो पता चला कि कोरोना संक्रमित युवक दिल्ली चला गया।

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अब और न फैल जाए महामारी

बताया जाता है कि पलेरा तहसील अंतर्गत जो युवक दिल्ली चला गया वह युवक अन्य सदस्यों के अलावा राहगीरों को संक्रमित न कर दे यह संभावना बनी हुई। वही बीएमओ इन घटनाओं को छिपाने का प्रयास भी करते रहे। अब आखिर सवाल यह भी उठता है कि जो युवक दिल्ली के लिए रवाना हो गया, उसके परिवार के साथ सख्ती से पूंछतांछ क्यों नहीं की जा रही है। अगर अन्य कोई व्यक्ति कोरोना महामारी के शिकार हो गए तो फिर इसका जिम्मेंदार कोन होगा।

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जांच में मिले 7 कोरोना निगेटिव

मिली जानकारी के मुताविक जिन परिवारो के व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिले है, उनके परिवार के 7 सदस्यों की जांच की जा चुकी है जिसमे सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव निकली। अब यहां पर यह भी सवाल उठता है कि आखिरकार इतनी जल्दी इन लोगां की जांच रिपोर्टै कैसे और कहां से आ गई। जब इस संबंध में संबंधित चिकित्सक से चर्चा करने का प्रयास किया तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया और अपने मोबाईल का स्वीच ऑफ कर दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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