बल्देवगढ़। नईदुनिया न्यूज

छोटे से कस्बे से उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रमेश और प्रतीक भोपाल गए। भोपाल में रहकर उच्च शिक्षा हासिल करते हुए वर्ष 2018 में प्रमेंश ई लाइब्रेरी की स्थापना की। जिससे लाखों छात्रों को मुफ्त शिक्षा का अवसर प्रदान किया जा सके सिर्फ 1100 की राशि से स्वयं की तरह वंचित छात्रों की सहायता के लिए दृढ़ संकल्प से प्रारंभ हुई प्रवेश ई लाइव्रेरी को एक प्रोपराइटर के फार्म प्रवेश यूनिवर्सल इंडिया की नींव सन 2021 में रखी एवं महंगी महंगी पुस्तकों को व्यवस्थित किया और छात्रों ने इन छोटे छोटे बाल चार्ट को इतना सराहा कि ओमोजोन इंडिया जैसी अग्रणी मार्केट प्लेस पर इन चार्ट को बेस्ट पुस्तक बेस्ट सेलर रैंक 1 का दर्जा प्रदान प्राप्त हुआ। जिसके बाद जैन ब्रदर्स ने विभिन्ना विषयों पर एक के बाद एक पुस्तक प्रकाशित करना प्रारंभ किया जिनको ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही मंच पर छत्रों का स्नेह प्राप्त हो रहा है। उनका मानना है कि अच्छी शिक्षा का साधन होना मात्र कभी कभी काफी नहीं होता। उन्होंने अपनी माताश्री के नाम पर निशुल्क छात्रवृत्ति कल्पना स्कॉलरशिप की स्थापना अक्टूबर 2021 में की तथा पहले ही टेस्ट में लगभग एक हजार विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया और 200 चयनित विद्यार्थियों को नगद द्वारा छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने प्रथम और द्वितीय लॉकडाउन की स्थिति में जैन ब्रदर्स ने हजारों विद्यार्थियों को मुफ्त में पुस्तकें घर तक पहुचाई। उन्होंने मजदूर तबके को प्रथम एवं द्वितीय लॉकडाउन में मुफ्त राशन वितरण भी किया। लॉकडाउन के बाद घाटे में चल रहे परंपरागत तरीके से कार्य करने वाले व्यवसायियों को व्यापार की नवीनतम उपाय समझाते हुए उनको ई कॉमर्स कम्युनिटी में प्रवेश कराया। प्रमेश जैन और प्रतीक जैन ने परंपरागत रोजगार के अवसरों को न अपनाते हुए समाज में मुख्य रूप से युवाओं में एक प्रेरणा का स्रोत एवं रोल मॉडल के रूप में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की। सफलता न तो पूंजी व पैसे की मोहताज होती है ना ही किसी समृद्धिशाली परिवार की मोहताज होती है, परंतु सफलता सिर्फ योग्यता और निरंतरता के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को दिया है जिन्होंने उन्हें प्राथमिक शिक्षा का सही ज्ञान देकर आगे पथ पर बढ़ने का मौका दिया। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा बल्देवगढ़ नगर के अशासकीय विद्यालय केशव बाल संस्कार विद्यालय में प्राप्त की। उन्होंने स्कॉलर के रूप में एक हजार से अधिक छात्रों को नगद राशि स्कॉलर के रूप में प्रदान की व गरीब तबके के विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें भी भेंट की।

Posted By: Nai Dunia News Network

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