लिधौरा। नईदुनिया न्यूज

एक माह से चल रहे खरमास समाप्त हो जाने के बाद विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों का श्रीगणेश 15 जनवरी से हो गया है। शनिवार को मकर संक्रांति और प्रदोष होने से यह दिन शुभता से भरा रहा। एक ओर लोग मकर संक्रांति पर्व मना रहा था, वहीं विवाह की शहनाईयां की गूंज भी सुनाई पड़ रही थी। ज्योतिषाचार्य पं. रामप्रकाश पस्तोर ने बताया कि विवाह मुहूर्त अभी केवल फरवरी महीने तक ही है। मार्च में एक भी विवाह मुहर्त नहीं है। विवाह फिर अप्रैल के दूसरे पखवाड़ा यानि 15 अप्रैल से प्रारंभ होंगे जो जुलाई तक रहेंगे। आगामी 28 फरवरी तक 44 दिन में कुल 21 दिन विवाह की शहनाई बजेगी जबकि जुलाइ तक कुल 63 दिन मुहूर्त रहेंगे। आम लोगों ने भी कोरोना पाबंदियों के बीच वैवाहिक व मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारियों की कमर कस ली है। बैंडबाजा, डीजे, फूल और मैरिज हाल संचालक भी गूंजने वाली शहनाई को लेकर खुश दिख रहे हैं। हालांकि इस बार भी विवाह कार्यक्रमों पर कोरोना का साया रहने से कारोबारियों में निराशा भी झलक रही है। खरमास समाप्त होने के बाद लोगों ने मांगलिक कामकाज की तैयारियां भी शुरू कर दी है। इस दौरान बाजारों में कपड़े व बर्तन की दुकानों तथा शापिंग मॉल में लोगों की भीड़ दिखना शुरू हो गई। लेकिन लोग कोविड नियमों का पालन करते हुए आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। शासन ने भी कोरोना संक्रमण को देखते हुए मांगलिक कार्यों के आयोजन को लेकर नई गाइड लाइन जारी कर दी है।

पं. रामप्रकाश पस्तोर ने बताया कि विवाह और शुभ कार्यों के लिए बृहस्पति का प्रभावी होना आवश्यक है। अब सूर्य के मकर राशि में पहुंचने पर मांगलिक कार्य और विवाह शुरू हो गए। इनमें नामकरण, मुंडन, नए संस्थान का शुभारंभ, जनेऊ, गृह प्रवेश शामिल है। मार्च में गुरू व शुक्र के अस्त रहने के कारण विवाह मुहूर्त नहीं है। विवाह के लिए दोनों ग्रहों का उदित रहना आवश्यक है। परन्तु धार्मिक अनुष्ठान व तीज त्यौहार मनाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी और फरवरी माह में 14-15 फरवरी को पुष्य नक्षत्र है। वहीं 23 जनवरी, 20 और 23 फरवरी अमृत सिद्धि योग है। इस साल के पहले पुष्य नक्षत्र योग की शुरुआत 18 जनवरी को? होगी। इस दिन मंगलवार होने से यह भौम पुष्य माना जाएगा।?

Posted By: Nai Dunia News Network

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