टीकमगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने सिमरा थाना अंतर्गत पत्नी की हत्या करने वाले आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पंकज द्विेवेदी व अपर लोक अभियोजक रतन सिंह ने की।

मामले में पैरवीकर्ता पंकज द्विवेदी ने बताया कि करीब 2 वर्ष पूर्व मृतिका के ससुर गोरेलाल द्वारा पुलिस थाना जेरोन में सूचना दी थी कि वह नई बस्ती जेरा खास का निवासी है, उसके पुत्र सुरेंद्र अहिरवार की ससुराल ग्राम पनपारा जिला जालौन में है। उसके बड़े पुत्र सतीश उत्तर प्रदेश में रहता है। 6 जुलाई 2019 को वह संध्या को विदा कराकर 2 दिन तक अपने बाल बच्चों के साथ रखा। 9 जुलाई 2019 लड़का सुरेंद्र बहु संध्या को रात में खाना खाकर सो गए थे। वह सुबह गाय लगाने कुआं पर चला गया था,उसकी पत्नी किशोरी बाई ने लड़का सुरेंद्र को जगाया कि सुबह हो गई है और बहू अभी तक नहीं उठी है। वह उठा और उसने देखा कि उसकी पत्नी जाग नहीं रही है, उसे हिलाया तो कुछ नहीं बोली। सुबह कुआं पर से घर वापस आया, तो देखा कि सब लोग सो रहे थे।

उसकी पत्नी ने बताया कि संध्या मृत हो गई है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया। जांच के दौरान तत्कालीन एसडीओपी अशोक घनघोरिया और राकेश छारी द्वारा पीएम के लिए भिजवाया। मृतका के मायके पक्ष के कथन दिए गए उनके कथनों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध मामला पाए जाने पर प्रतिवेदन न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने संध्या की हत्या कारित करने के लिए अभियुक्त सुरेंद्र अहिरवार को धारा 302 भादसं के अपराध के लिए दोषी पाते हुए आजीवन कारावास के दंड की सजा सुनाई। शेष आरोपितों को साक्ष्य न होने से दोषमुक्त किया गया। शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पंकज द्विवेदी एवं अपर लोक अभियोजक रतन सिंह ने की।

Posted By: Ajaykumar.rawat

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