- द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव की कोर्ट ने सुनाया फैसला

टीकमगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव की कोर्ट ने शनिवार को दिए एक फैसले में आरोपित को दोष सिद्ध ठहराया है। आरोपित की गिरफ्तारी करने गई पुलिस टीम पर हमला करते हुए एक आरक्षक को गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी देवेंद्र शर्मा और अपर लोक अभियोजक जितेंद्र श्रीवास्तव ने की।

सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पंकज द्विवेदी ने बताया कि 24 फरवरी 18 को थाना टेहरका में पदस्थ एएसआइ रामबाबू दुबे स्टाफ में आरक्षक प्रशांत लोधी, आरक्षक राजबहादुर (मृतक), आरक्षक लखनलाल, आरक्षक प्रमोद अटल के साथ थाना टेहरका में दर्ज धारा 392 ताहि के फरार आरोपित रविंद्र रजक निवासी कुरेचा की तलाश के लिए निकले थे। इस दौरान खिस्टोन तिगेला की सोसायटी पर होने की सूचना के आधार पर पार्टी के रूप में बंटकर आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए खड़े हो गए। रात 8 बजे जैसे ही पुलिस को आरोपित रविंद्र रजक के सोसायटी के अंदर होने की सूचना पक्की हुई, तब आरक्षक राजबहादुर व आरक्षक प्रशांत लोधी अंदर घुसे। तभी आरोपित रविंद्र रजक ने कट्टे से फायर किया, जो आरक्षक राजबहादुर के सीने में लगा, जिससे वह खून से लहुलुहान होकर गिर गया। वहीं उसके साथी आरोपित नीलू रैकवार को पकड़ा। आरोपित को जीप में बैठाकर थाना पृथ्वीपुर को अवगत कराते हुए पृथ्वीपुर अस्पताल लाए, जहां पर डाक्टरों द्वारा आरक्षक राजबहादुर को मृत घोषित कर दिया गया। आरक्षक की मौत के बाद आरोपितों के विरूद्ध धारा 302/34 ताहि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान रविंद्र रजक, नीलू रैकवार एवं अन्य तीन को आरोपित बनाया गया था। मामले में विवेचना के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां पर अंतिम तर्क सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पंकज द्विवेदी द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव की कोर्ट ने आरोपित रविंद्र रजक को धारा 302 भादवि के अपराध के लिए आजीवन कारावास के दंड से दंडित किया गया एवं आरोपित राजेश तिवारी को आर्म्स एक्ट में एक वर्ष के कारावास से दंडित किया गया। साथ ही अन्य आरोपितों को संदेह के आधार पर दोषमुक्त किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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