निवाड़ी (नईदुनिया न्यूज)।

जिले में बुधवार रात्रि से बारिश होने से एवं गुरुवार की सुबह ओले गिरने से सरसों, चना, मसूर की फसल में भारी नुकसान हुआ है। सती मोहल्ला निवासी किसान किशोरी कुशवाहा ने बतााय कि गुरूवार सुबह तेज बारिश वह बादलों की गड़गड़ाहट के साथ ओले गिरने से सरसों की फसल को काफी क्षति हुई है ओले गिरने से जमीन में मिल गई और फसल को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि चना, मटर, मसूर की फसल फूल पर है जिसके फूल झड़ गए हैं जिससे किसानों को आर्थिक स्थिति से गुजरना पड़ेगा। उन्होंने कलेक्टर से फसल नष्ट होने का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

रिमझिम वारिश के साथ बदला मौसम का मिजाज

पृथ्वीपुर (नन्यू)।

रूक-रूक कर बुधवार रात से हो रही बारिश गुरुवार को भी जारी रही। रिमझिम बारिश के साथ गुरुवार को पूरे दिन रिमझिम वारिश हुई, तो कई गांवों में ओले गिरने से मौसम का मिजाज बदल गया। नगर सहित समूचे क्षेत्र में बीती रात से वारिश का दौर शुरू हुआ, जो पूरी रात दिनभर रूक रूक कर वारिश होती रही। क्षेत्र में कई स्थानों पर बारिश के साथ ओले भी गिरे। जिसमें कही कोई जनहानि नहीं हुई। शीतलहर से निजात पाने के लिए जगह जगह लोगों ने आग का सहारा लिया। बदले मौसम से जहां किसानों के चेहरे खुश नजर आने लगे, लेकिन हवा के साथ हो रही बारिश से कहीं ओले न पड़ जाएं। इसके लिए किसान भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। विकासखण्ड के ग्राम सकेरा भडारन, बीरसागर में चने बराबर के ओले गिरे। लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है। बारिश से लोगों में ठुठरन बढ़ गई है। साथ ही बेसहारा मवेशी भी इस कड़ाके की सर्दी से परेशान होकर, जहां अलाव जल रहे हैं वहां पहुंचकर आग का सहारा ले रहे हैं। वहीं नगर के सीताराम विश्वकर्मा, संजय त्रिपाठी आदि ने नगर परिषद के सीएमओ से मांग करते हुये कहा कि जहां बेसहारा मवेशी एकत्रित रहते हैं, वहां पर भी अलाव जलाए जाएं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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