- रेलवे स्टेशन पर असुविधाओं का अंबार, दूसरा टिकट काउंटर भी शुरू नहीं

टीकमगढ़(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। कोविड-19 संक्रमण को लेकर भी रेलवे ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। खजुराहो से चलकर झांसी के लिए जाने वाली पैंसेजर ट्रेन एक ट्रेक छोड़कर स्टेशन पर खड़ी होती है और फिर महामना एक्सप्रेस के आने के बाद ही वहां से रवाना होती है। इससे यात्री पैंसेजर ट्रेन में बैठने के लिए पटरियों से चलकर जाते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका भी बनी रहती है। कई बार अन्य ट्रेनों में सीट मिलने को लेकर भी यात्री दूरी ओर पटरियों से जाते हुए देखे जाते हैं। लेकिन इन्हें यहां रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है।

गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन से अब पैंसेजर और सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें गुजर रहीं हैं। यहां से करीब 6 ट्रेनें निकल रहीं हैं। रोजाना ही भोपाल के लिए 300 से ज्यादा यात्री अपडाउन करते है। लेकिन रेलवे द्वारा एक ही टिकट काउंटर शुरु किया गया है, जिससे कि यात्री बगैर टिकट लिए ही बिना कोई रोकटोक फ्री में यात्रा कर रहे है। रेलवे स्टेशन पर बिलकुल भी सुविधाएं यात्रियों को नहीं मिल पा रही है। इसमें महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानियां होतीं हैं। तत्काल कोटा की टिकट लेने के दौरान समय पूरा हो जाता है और टिकट नहीं ले पाते। ऐसे में दूसरा काउंटर भी शुरु होना चाहिए।

-टूट गए लगे हुए नल, टिकट भी नहीं

अब खजुराहो-झांसी पैसेंजर और खजुराहो भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस, इंदौर-खजुराहो एक्सप्रेस ट्रेन गुजर रही है। रेलवे द्वारा पानी को लेकर टंकियां और नल तो लगवाएं गए है, लेकिन यह नल टूट गए और अब रेलवे इस ओर जरा भी ध्यान नहीं दे रहा है कि यात्रियों को पानी की व्यवस्था तो रेलवे स्टेशन पर की जाए। टीकमगढ़ से भोपाल का सफर कई यात्री बगैर टिकट कर रहे है। इसमें यात्री की नहीं, रेलवे प्रबंधन की लापरवाही है कि स्टेशन पर टिकट काउंटर एक ही शुरु किया गया है और ट्रेन आने के दौरान समय का ध्यान रखते हुए कई यात्री बगैर टिकट के यात्रा करने को मजबूर हो जाते हैं। इसमें कई यात्री आनलाइन बुकिंग कर देते है, लेकिन पैंसेजर ट्रेन तो घाटे में ही चल रही है, जिसमें कि कोई टिकट ही नहीं खरीद रहा है। लंबी कतार देखकर टिकट लेने की कतार में ही लोग नहीं लगते हैं।

-स्टेशन पर नहीं सुरक्षा

रेलवे स्टेशन से 6 ट्रेनें फेरे ले रहीं हैं। ट्रेन आने से पहले ही यात्री वहां पहुंचने लगते है और देखा गया है कि स्टेशन पर काफी भीड़ भाड़ हो जाती है, लेकिन रेलवे द्वारा स्टेशन पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। स्टेशन पर न ही जीआरपी और न ही आरपीएफ कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं रहता है। इससे अब यात्री अपने आप को असुरक्षित महसूस करता है।

-पूछताछ केंद्र में नहीं मिलती जानकारी

यात्री रामसेवक कुशवाहा, हरदयाल, महेंद्र और दिनेश ने बताया कि स्टेशन पर पूछताछ केंद्र तो है, जहां पर कोई बैठा नहीं रहता है। सिग्नल रुम में स्टेशन मास्टर भी रहते हैं, जिनसे ट्रेन संबंधी कोई भी जानकारी लेने पर कुछ भी नहीं बताया जाता है और इंटरनेट पर देखो, ऐसा कहकर वहां से भगा दिया जाता है। इसके साथ ही यहां पर स्टाफ भी ज्यादा नहीं है। रेलवे द्वारा इस ओर बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

-रेलवे स्टेशन पर नलों की समस्या को लेकर प्रबंधन को अवगत कराया जाएगा। साथ ही पैंसेजर ट्रेन को लेकर भी बात की जाएगी। सिंगल ट्रेन होने के चलते महामना के निकलने के बाद ही झांसी की ओर टीकमगढ़ से पैंसेजर चलती है। लेकिन शीघ्र ही ओवर ब्रिज का निर्माण होगा और यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी।

- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे मंडल, झांसी

Posted By: Nai Dunia News Network

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