टीकमगढ़। अटल ज्योति हो या फिर एक बत्ती कनेक्शन। गरीबों के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। आदिवासी परिवारों के घरों में पिछले एक साल से अंधेरा होने के बाद भी बिजली कंपनी के अधिकारी गरीबों की सुध लेने से बचते आ रहे हैं। बिजली न होने से वर्षा के मौसम में आदिवासी घरों में जहां अंधकार है, वहीं उनमें भय बना रहता है। लिधौरा क्षेत्र के ग्राम खरों के आदिवासियों ने मोहल्ले में छाए अंधकार पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान ज्ञापन देकर एक साल से जले पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग की है।

ग्रामीणों ने एक साल से आदिवासी मोहल्ले खरों में जले पड़े ट्रांसफार्मर को न बदलने और बिजली समस्या को दूर न किए जाने पर चिंता जताते हुए यहां जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि एक साल से ट्रांसफार्मर जला होने के कारण आदिवासियों को परेशान होना पड़ रहा है। जेई लिधौरा एवं लाइन मैन को मौखिक रूप से कई बार कहा गया, लेकिन अब तक उनके द्वारा आश्वासन दिए जाते रहे हैं। बिजली सुविधाओं को लेकर सरकार भले ही बिल माफ करने और बिल आधे करने जैसी तमाम योजनाएं चलाती रही है, लेकिन यहां बिजली ही नहीं है, तो योजनाओं का लाभ मिलने का तो सवाल ही नहीं उठता। ग्रामीणों ने बताया कि गरीब आदिवासियों को किसी भी सुविधा का बिजली विभाग द्वारा लाभ नहीं दिया जा रहा है।

लाइन मैन पर लगाए सुविधा शुल्क लेने के आरोप

कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में आदिवासी मोहल्ला खरों वासियों ने विद्युत व्यवस्था चौपट होने पर रोष जाहिर करते हुए समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया है। उन्होंने ग्राम खरों के बिजली लाइन मैन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह बिना सुविधा शुल्क लिए कोई काम नहीं करते है। गोकुल लाइन मैन के विरूद्ध किसी तरह की कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद बने हुए हैं। वह शिकायतों की परवाह भी नहीं करते और न ही अधिकारियों की करते हैं। आदिवासियों ने कहा है कि 3 सितंबर को बिजली अधिकारियों को दिए गए आवेदन पर भी अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। ज्ञापन देने वालों में प्रेम शंकर सौंर, वंशी सौंर, संतराम निरंजन, लली माते, रामप्रकाश निरंजन, नेपाल सौंर,झुंडे माते, कल्लू सौंर, भागीरथ सौंर, हरीराम सौंर, धीरेन्द्र सौंर, फरसराम सौंर, बृजलाल सौंर, प्रीतम सौंर सहित अनेक ग्रामवासियों के नाम शामिल हैं।