टीकमगढ़-ओरछा। नईदुनिया प्रतिनिधि

घर में बंधक व्यापारी को मौत के घाट उतारने का मामला सामने आया है। मामले में पहले मर्ग दर्ज हुआ और पोस्टमार्टम के बाद मामले में अहम तथ्य पुलिस ने विवेचना के दौरान पाए, जिसमें अब दो आरोपितों में पति-पत्नी पर हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बता दें कि गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग वीरन पुत्र जालिम राठौर की दो दिन मेडिकल में भर्ती के दौरान इलाज के बाद मौत हो गई।

गौरतलब है कि ओरछा निवासी वीरन पुत्र जालिम राठौर (70) को अनिल त्रिपाठी एवं योग्यता उर्फ संध्या त्रिपाठी ने मकान में बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट कर हत्या कर दी। बुजुर्ग वीरन राठौर को चोटें आने पर अस्पताल ले जाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे इलाज के लिए मेडिकल भेजा गया, इलाज के दौरान उसकी 14 को उसकी मौत हो गई। मृतक डॉ. वीरेन्द्र सिंह राठौर के पुत्र प्रशांत सिंह ने दिए गए आवेदन में कहा है कि ग्राम जुगयाई निवासी पिता वीरेंद्र राठौर अनिल त्रिपाठी के साथ मिलकर व्यवसाय करते थे। दो-चार दिन में उनका जुगयाई आना-जाना लगा रहता था। उन्होंने बताया कि 9 को करीब 4.9 बजे फोन आया तो संध्या ने फोन पर ओरछा बुलाया और न आने पर जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने पिता को ओरछा जाने से मना भी किया, लेकिन वह बिना बताए 11 अक्टूबर को बिना बताए ओरछा चले गए। इसके बाद 13 अक्टूबर को पिता का फोन आया कि संध्या उर्फ योगिता और उनके पति अनिल त्रिपाठी दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सरियों से मारपीट कर रहे हैं।

बंद कमरे में की मारपीट

ओरछा में कमरे में बंद कर बेदर्दी से मारपीट की, जिससे उनके सिर में, सीने में, हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई। उन्होंने घटना के बाद भी उनके अलावा संदीप यादव और तारक सिंह निवासी भेलसा को भी इलाज के लिए जाते समय बताया कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया है। पिता वीरेन्द्र सिंह की इलाज के दौरान झांसी मेडीकल में मौत हो गई। मृतक के पुत्र प्रशांत सिंह ने 16 को हत्या किये जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस के हवाले से मिली जानकारी में बताया गया है कि गवाहों के कथन और डॉक्टरी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मर्ग विवेचना के बाद हत्या का मामला दर्ज कर आरोपितों संध्या और अनिल त्रिपाठी को हिरासत में लेकर न्यायालय पेश किया, जहां से आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।

साथ में करते थे व्यापार

मृतक के पुत्र प्रशांत सिंह ने बताया कि हमारे पिता आरोपितों के साथ मिलकर व्यापार करते थे। इसमें सहकर्मी के रुप में कार्य करने के दौरान ही घर में बुलाकर इस घटना को अंजाम दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह खुलासा हुआ है। वहीं पुुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया और धाराएं बढ़ाते हुए हत्या के आरोप में उन्हें जेल भेज दिया गया।

फोटो- 10- आरोपितों को गिरफ्तार कर पेश करती हुई पुलिस।

Posted By: Nai Dunia News Network