टीकमगढ़ ( नईदुनिया प्रतिनिधि)।

समीपस्थ गांव पठा के जानकी रमन मंदिर मैदान में श्रीमद भागवत महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन दोपहर 12 से 6 बजे तक भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। वृंदावन से आए कथा व्यास मंडलेश्वर महंत श्रीराम श्रेष्ठ दास महाराज ने भागवत पुराण का पूजन के साथ कथा का शुभारंभ किया। कथा के पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कथा व्यास मंडलेश्वर महंत श्रीराम श्रेष्ठ दास महाराज ने कहा कि श्रीमद भागवत साक्षात भगवान का स्वरूप है इसीलिए श्रद्धापूर्वक इसकी पूजा -अर्चना की जाती है। इसके श्रवण से मोक्ष दोनों सुलभ हो जाते हैं। मन की शुद्धि के लिए इससे बड़ा कोई साधन नहीं है। सिंह की गर्जना सुनकर जैसे भेड़िए भाग जाते हैं, वैसे ही भागवत के पाठ से कलियुग के समस्त दोष नष्ट हो जाते हैं। इसके श्रवण मात्र से हरि हृदय में आ विराजते हैं। भोग और मुक्ति के लिए तो एकमात्र भागवत शास्त्र ही पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि जीव जब तक भवसागर से मुक्त न हो जाए तब तक श्रीमद भागवत कथा अश्रय लेकर जीवन जीना चाहिए। राजा परीक्षित ने ऋषि श्राप से मुक्त होने के लिए श्रीमद भागवत कथा का आश्रय लिया और उन्हें शुकदेव जैसे परम संत गुरु के रूप में प्राप्त हुए। उन्होंने नेमिषारण्य तीर्थ की महिमा बताते हुए कहा कि वह तीर्थ कलिकाल के समस्त पालकों को हरण करने वाला है। क्योंकि इस तीर्थ का निर्माण भगवान हरि के चक्र सुदर्शन से हुआ है। इस अवसर पर स्वामी नायक, बाबूलाल भोडेले, नरेश शुक्ला, नंदलाल रजक, भगवान दास, कैलाश शुक्ला, पप्पू सेन सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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