टीकमगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

कोरोना वायरस को लेकर जिले में धारा 144लागू की गई है। लॉक डाउन के दौरान लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। ऐसे में हमारे जिले के रहने वाले अन्य राज्यों और महानगरों में कार्य कर रहे थे, उनका आना टीकमगढ़ हो गया है। जिले में आने पर प्रशासन द्वारा उन्हें घर तक भिजवाने की व्यवस्था की गई। साथ ही नाका पर ही भोजन व्यवस्था है। ताकि मजदूरों और आने वाले को परेशानियां न हों। प्रशासन ने विभिन्न नाकों पर चाक-चौबंद व्यवस्था की है।

गौरतलब है कि दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित अन्य महानगरों से लोगों का आना शुरु हो गया। शहर में बड़ी संख्या में यह लोग टोलियों में नजर आए। लोगों को जगह-जगह प्रशासन ने खान-पान की व्यवस्था की थी। बॉर्डर से शहर के बस स्टैंड पर इन्हें लाया गया, जहां पर प्रशासन ने 8 बसों का इंतजाम किया था। बसों के माध्यम से इन्हें अपने-अपने गांव की ओर रवाना किया। वहीं रोजाना ही तरह सुबह से बाजार खुला और लोगों ने राशन-सब्जी खरीदी।

लगातार हो रही है स्क्रीनिंग

कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देशन पर जिले के 13 नाकों पर आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। अच्छी खबर यह है कि अभी तक कोई संदिग्ध हालात में भी नहीं मिला है। पुलिस और प्रशासन आने वाले लोगों पर नजर बनाए हुए है। गांवों मे पहुंचने के बाद इन्हें होम क्वारंटाइन कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित ब्लॉक के बीएमओ को दी गई, जिसमें गांव-गांव में एएनएम सहित अन्य डॉक्टर इन्हें होम क्वारेंटाइन करा रहे हैं। गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाल रखा है।

अस्पताल ले जाकर भी हो रही जांच

नाकों पर अधिक भीड़ हो जाने के चलते प्रशासन ने जिला अस्पताल में भी जांच की व्यवस्था की है। इन्हें तीन प्रकार के ओपीडी निर्धारित की गईं हैं। जिसमें दूर-दूर खड़े कर लोगों की जांच की जा रही है। जांच के बाद इन्हें घर जाने की अनुमति है। खाना की व्यवस्था हो जाने के बाद अब आने वाले लोगों को भी जांच में या अन्य कोई भी परेशानियां नहीं हो रहीं हैं।

10 हजार आने वाले हुए पंजीकृत

बाहर से आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग पंजीकृत भी कर रहा है। ताकि इनकी निगरानी ठीक से हो सके। अभी तक 10 हजार लोग बाहर से आने वाले दर्ज हो चुके हैं। इनकी निगरानी और 14 दिनों तक क्वारंटाइन होने के बाद ही कोरोना को लेकर कोई स्थिति स्प्ष्ट हो सकेगी।

सड़कों पर सख्त दिखी पुलिस

सड़कों पर वैसे तो सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन कुछ लोग बाहर निकले, जिन्हें पुलिस ने सख्ती से घर भेजा। किसी को मुर्गा बनवाकर मांफी मंगवाई, तो किसी को समझाइश देकर घर की ओर रवाना किया। हालांकि अब लोगों द्वारा सावधानियां बरती जा रहीं हैं और लोग घरों में ही कैद हैं। लगातार ही पुलिस और प्रशासन सहयोग की बात भी कहरहा है।

बाजार खुलने के समय में परिवर्तन

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि अगले 15 दिन बहुत ही सतर्कता की आवश्यकता है, सभी लोग अपने घरों में ही रहें। उन्होंने लोगों को समझाइश दी है कि यदि अति आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकलें। उन्होंने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए लॉकडाउन के दौरान प्रतिबंध की अवधि में 30 मार्च 2020 से सुबह 7 बजे से 10 बजे तक छूट रहेगी। इस दौरान लोग अपनी आवश्यकतानुसार राशन, सब्जी एवं फल आदि निर्धारित दुकानों से खरीद सकेंगे। उन्होंने समझाइश दी है कि सुबह 10 बजे के बाद कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकले। उन्होंने बताया कि जिले में खाद्यान्न, सब्जी, फल, दूध आदि सभी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए परेशान होने की जरुरत नहीं है।

श्रीमती सिंह ने कहा कि जिले के जो बच्चे-छात्र अन्य जिलों या स्थानों पर रह रहे हैं, वह वहीं पर रहें। यदि उन्हें कोई समस्या है तो वे कंट्रोल रूम में 104, 181 और 07683-242242 पर अपनी समस्या तथा अपना पूरा विवरण दर्ज करा सकते हैं, जिससे वह जहां रह रहे हैं। वहीं पर उनकी समस्या का समाधान कराया जा सकें। उन्होंने कहा कि यह हमारे धैर्य और संयम की परीक्षा है। आप जहां पर भी हैं हमें अपनी तकलीफ बताएं वहां के प्रशासन द्वारा आपको आवश्यकतानुसार मदद की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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