टीकमगढ़ ( नईदुनिया प्रतिनिधि)।

बाहर से आने वाले लोगों को अब जिले की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। चाहे वह जिले का ही निवासी क्यों न हो। प्रशासन ने बॉर्डर पर ही 14 दिनों तक रुकने की व्यवस्था की है। इस दौरान आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्थाएं प्रशासन बॉर्डर पर ही करेगा। कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन का पूरा पालन कराने के लिए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने यह फैसला लिया। वहीं मंगलवार को होटल्स और मैरिज गार्डन सहित अन्य शासकीय और निजी भवनों को अधिगृहित कर लिया।

गौरतलब है कि मंगलवार को सुबह से दो घंटे के लिए सब्जी और किराना दुकानें खोलीं गईं। इस दौरान लोगों ने आवश्यक सामग्री खरीदी। सुबह के 9 बजते ही पुलिस ने तत्काल दुकानें बंद करवा दी। इसके अलावा जिले से अब तक 15 सैंपल भेजे गए, जिसमें से 10 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिले के लिए यह एक अच्छी खबर है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इसके अलावा फिलहाल एक को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। जबकि बाहर से आए हुए 50298 लोगों पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। द्वितीय चरण में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग शुरू हो गई। दिल्ली के मरकज तब्लीगी जमात से लौटे हुए 4 लोगों पर प्रशासन की पैनी नजर है। इनके घरों के आसपास लगातार ही निगरानी की जा रही है।

इन भवनों को किया अधिग्रहित

शासकीय एवं अर्द्घ शासकीय भवनों, मैरिज गार्डन, रेस्ट हाउस, लॉज और होटलों को अधिग्रहित किया गया है। इसमें होटल सिल्वर रिसोर्ट टीकमगढ़, होटल फोर्ट व्यू टीकमगढ़, होटल व्हाइट हाउस टीकमगढ़, होटल न्यू व्हाइट हाउस टीकमगढ़, होटल चपाती टीकमगढ़, होटल अपूर्व टीकमगढ़, होटल गायत्री टीकमगढ़, होटल अंजली गैस्ट हाउस टीकमगढ़, होटल क्राउन पैलेस टीकमगढ, होटल कान्हा पैलेस टीकमगढ़, होटल लक्ष्मी पैलेस को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक के लिये अधिग्रहित किया गया है। अधिग्रहित होटल (भवन) नियमित संचालित रह सकते हैं। इन्हें आवश्यकता होने पर ही उपयोग में लिया जाएगा।

बंदियों के परिजनों की मुलाकात 14 तक प्रतिबंधित

जेल में बंद बंदियों को उनके परिजनों से कराई जाने वाली मुलाकत फिलहाल प्रतिबंधित की गई है। जेल अधीक्षक हिमानी मनवारे ने बताया कि 14 अप्रैल तक मुलाकात पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। बंदियों के परिजन इस अवधि में जेलों में मुलाकात करने के लिए उपस्थित नहीं हों और इस महामारी की रोकथाम के लिए आवश्यक सहयोग प्रदाय कर अपना महत्वपूर्ण योगदान दें ताकि महामारी के प्रकोप से बचा जा सके।

निवाड़ी में रॉयल गार्डन में रोकेंगे

कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए जिले में प्रमुख मार्गों पर नाके बनाए हैं। जहां पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और स्वास्थ्य विभाग की तैनाती की गई है। इसके तहत मंगलवार को रॉयल गार्डन ओरछा में क्वारेंटाईन सेंटर में बाहर ने आने वाले व्यक्तियों की मेडिकल टीम द्वारा स्क्रीनिंग की गई।

तब्लीगी जमात से लौटे व अन्य युवकों की भेजी जांच

जिला मुख्यालय से भी 4 व्यक्ति तब्लीगी जमात में शामिल होने के लिए गए हुए थे, जब यह लोग वापस अपने घर लौटे और प्रशासन को इसकी जानकारी हुई तो प्रशासन ने आनन फानन में इन लोगों की जांच कराकर इनके सैंपल लेकर एम्स हॉस्पिटल भोपाल पहुंचाए। इसके साथ ही अन्य लोगों के भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। बताया जाता है कि भोपाल से अब तक 10 लोगों की ही जांच रिपोर्ट आई है, जिसमें कोई भी व्यक्ति कोरोना से प्रभावित नहीं निकला। लेकिन इसके बाद भी ऐतिहात के तौर पर इन लोगों को 14 दिन तक घर में ही रहने के निर्देश दिए गए है। प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि यदि हिदायत के बाद भी यह लोग नियमों का उल्लंघन करते है, तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी भी प्रशासन के अधिकारियों को 5 लोगों की रिपोर्ट का इंतजार बना हुआ है। बताया जाता है कि शेष 5 युवकों की रिपोर्ट जल्द ही आ जाएगी।

अब डोर-टू-डोर की जा रही स्वास्थ्य जांच

शहर में निवासरत किसी भी व्यक्ति को सर्दी, जुकाम, खांसी के अलावा सांस लेने मे कोई परेशानी तो नहीं है, इसकी जांच के लिए कलेक्टर हर्षिका सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग तथा महिला बाल विकास के सहयोग से घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच का अभियान चलाया गया है। बताया जाता है कि 6 अप्रैल से यह अभियान प्रारंभ किया गया था, जिसमें पहले दिन 12 बारह हजार लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, वही दूसरे दिन मंगलवार को 9000 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस जांच में स्वास्थ्य विभाग की कार्यकर्ता,महिला बाल विकास विभाग से आंगनबाडी कार्यकर्ता, नगरपालिका परिषद से एक श्रमिक कर्मचारी तथा सफाई हवलदार को जांच में लगाया गया है। जिनके द्वारा तपती तेज धुपहरी में लोगों की घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

इस स्वास्थ्य जांच में मुख्तयः यह देखा जा रहा है कि कोई व्यक्ति बाहर से तो नहीं आया है, यदि वह आया है तो किस दिनांक को शहर आया है, उसे किसी प्रकार की कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या तो नहीं है। इसके अलावा सामान्य बुखार,सर्दी, जुकाम का भी कोई व्यक्ति सामने नहीं आया है। वैसे ही जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सकों द्वारा सर्दी, जकाम एवं खांसी से संबंधित जो मरीज आते है उनका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।

- डॉ. अमित चौधरी, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल टीकमगढ़

फोटो- 53- घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करती हुई स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की कार्यकर्ता ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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