टीकमगढ़( नईदुनिया प्रतिनिधि)।

टिड्डी दल निवाड़ी के साथ ही टीकमगढ़ जिले में भी पहुंच गया। यहां पर इस दल ने हमला बोलते हुए कई हरे-भरे खेतों को तबाह कर दिया। टीकमगढ़ जिला प्रशासन ने पलेरा से फायर ब्रिगेड में दवा भरकर ओरछा भेजने की तैयारी कर दी। जब तक पलेरा में ही टिड्डी दल ने हमला बोल दिया। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ। खेतों में पहुंचे करोड़ों की संख्या में टिड्डियों ने फसलों को तबाह कर दिया। इससे अब किसान काफी परेशान है। ओरछा के बाद यह दल सीधे ही पलेरा क्षेत्र में प्रवेश किया।

गौरतलब है कि टिड्डी दल के टीकमगढ़ जिले में प्रवेश होने से अब किसानों में हड़कंप मचा हुआ है। किसानों को सब्जियों सहित अन्य फसलों की चिंता सताने लगी है। वहीं प्रशासन भी इस मामले को लेकर अलर्ट है। लेकिन इसके पहले ही किसानों के खेतों में खड़ी हुईं फसलों को टिड्डी दल चट कर गया। प्रशासन ने भले ही केमिकल भरवाकर फायर ब्रिगेड मशीनों को तैयार रखा था, लेकिन यह उपयोग में नहीं आ सकीं। प्रशासन मूक दर्शक बनकर यह तमाशा देखता रहा और मशीन सजी हुईं रखीं रहीं। टिड्डी दल ने पलेरा क्षेत्र के मझगुवां, सूरजपुरा सहित अन्य गांवों में नुकसान पहुंचाया है। अब प्रशासन किसानों को भी सलाह देने में जुटा हुआ है। निवाड़ी जिले के ओरछा से प्रवेश होने के बाद यह टिड्डी दल पलेरा क्षेत्र में पहुंच चुका है।

समूचे क्षेत्र में टिड्डियों के समूह पहुंच रहे हैं जो फसलों को नष्ट करते हैं। अब किसान तरह-तरह के नुस्के अपना रहे हैं। इन दिनों सब्जियां उगा रहे किसानों ने खेतों में शोर करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही पानी चलाया जा रहा है। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया। करोड़ों की संख्या में टिड्डियां एक साथ हैं। पलेरा क्षेत्र में करीब 45 मिनट तक यह दल उड़ता हुआ नजर आया। पलेरा के सब इंजीनियर वीरेंद्र पटेल ने बताया कि ओरछा जाने के लिए मशीन तैयार थी, लेकिन इसके पहले पलेरा में ही इस दल ने हमला बोल दिया। बाजरा टमाटर, मूंग सहित अन्य सब्जियों की फसलों को तबाह कर दिया गया।

बीज, फल, पत्ते सब खा जाती हैं टिड्डियां

कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के उपसंचालक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि रेगिस्तानी टिड्डी की उड़ान हजारों मील तक पाई जाती है। टिड्डियों को उनके चमकीले पीले रंग और पिछले लंबे पैरों से पहचाना जा सकता है। टिड्डी जब अकेली होती हैं तो उतनी खतरनाक नहीं होती है, लेकिन झुंड में रहने पर बहुत खतरनाक और आक्रामक हो जाती है। फसलों का एक बार में सफाया कर देती है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है कि आपकी फसल पर किसी ने बड़ी सी चादर बिछा दी हो। टिड्डियां फसलों के फूलए फलए पत्ते,तने, बीज और पेड़ की छाल सब कुछ खा जाती हैं। एक टिड्डी अपने वजन के बराबर खाना खाती है। इनका जीवनकाल कम से कम 40 से 85 दिनों का होता है।

किसानों ने थालियां बजाकर फोड़े पटाखे

टिड्डी दल के खेतों तक पहुंचने की खबर लगते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इससे किसान तत्काल ही घरों से खेतों की ओर पहुंचे और उन्होंने थालियां बजाना शुरु कर दिया। तो कोई किसान पटाखा फोड़ते हुए नजर आया। शोर करने के बाद भी यह दल खेतों से नहीं निकल पा रहा था। खेतों की फसलों को तबाह करके ही यह दल छतरपुर जिले की ओर रवाना हुआ।

ओरछा के तीन गांव में हमला, नोटिस जारी

ओरछा के तीन गांवों में अधिक टिड्डी दल ने हमला किया है। यहां पर किसानों के खेतों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। अब निवाड़ी एसडीएम वंदना राजपूत ने तीन राजस्व कर्मियों को नोटिस थमा दिए। एसडीएम ने कहा कि गांव में टिड्डी दल का प्रकोप होने के बाद भी संबंधितों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई और गांव भी नहीं पहुंचे। ऐसे में किसानों को काफी नुकसान हुआ है। एसडीएम ने ओरछा हल्का पटवारी अभिषेक रावतए प्रतापपुरा हल्का पटवारी रवींद्र सिंह राठौर और गुंदरई हल्का पटवारी व प्रभारी राजस्व निरीक्षक ओरछा मेहरबान सिंह रायकवार को नोटिस जारी करते हुए एक दिन में ही जबाब मांगा है। जबाब तहसीलदार के अभिमत के साथ मांगा गया है। इसमें जबाब संतोषजनक न होने पर संबंधितों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

फोटो.टिड्डी दल खेतों में फसलों को चट करता हुआ।

फोटो. उड;ता हुआ पलेरा क्षेत्र में पहुंचा टिड्डी दल।

Posted By: Nai Dunia News Network

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