टीकमगढ़ Tikamgadh Unlock1 : निवाड़ी में भी 13 जून तक के लिए धारा 144 लगाई गई है। इस अवधि में गर्भवती महिलाएं, वृद्घ व्यक्तियों के अलावा 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे श्रीरामराजा सरकार के दर्शन ओरछा पहुंचकर नहीं कर पाएंगे। इस संबंध में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिए है। कलेक्टर ने कहा कि ओरछा में विराजमान भगवान श्रीरामराजा सरकार के अलावा हरदौल बैठका में विराजे लाला हरदौल के दर्शनों के लिए 13 जून तक की अवधि तक कुछ बदलाव किया गया है।

मंदिर परिसर की समुचित रूप से बार-बार सफाई होगी। इसकी व्यवस्था मंदिर की प्रबंधन कमेटी करेगी। इसके अलावा मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्घालुओं को मंदिर की वेबसाइट से ई-टिकट प्राप्त करना होगा और मंदिर के अंदर प्रवेश के समय ई-टिकट के अलावा अपना आईडी प्रूफ के अलावा फोटोयुक्त परिचय पत्र भी सुरक्षाकर्मियों को दिखाना होगा।

इसके अलावा मंदिर परिसर में लगी रैलिंग, नल, दरवाजे, हैडिंल आदि को कोई भी श्रद्घालु बार-बार न छूने पाए इसका ध्यान रखा जाए। साथ ही इन सभी चीजों को तुरंत सैनिटाइज किया जाए। मंदिर में प्रवेश के समय श्रद्घालु साफ स्वच्छ पानी से हाथों की सफाई करेंगे। साथ ही जो श्रद्घालु मंदिर पहुंचते है।

उनके ग्लब्स, मास्क का समुचित निपटान किया जाएगा। कोरोना वायरस के चलते 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं सहित 10 वर्ष तक के बच्चों को मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

प्रवेश और निकासी की अलग व्यवस्था

कलेक्टर ने बताया कि मंदिर के अंदर प्रवेश के लिए अलग द्वार रहेगा तथा बाहर जाने के लिए अलग से द्वार रहेगा, इसकी व्यवस्था मंदिर की प्रवंधन कमेटी के अलावा रक्षति निरीक्षक के द्वारा की जाएगी जो पूरे समय ओरछा मंदिर में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं को देखेंगे। इसके अलावा मंदिर परिसर के बाहर वाहनों की भीड़ जमा न हो इसकी व्यवस्था के लिए नगर पंचायत के अधिकारी को निर्देशित किया गया है।

अब मोबाइल भी प्रतिबंधित

कलेक्टर ने बताया कि पहले ओरछा मंदिर में कैमरा ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया था, अब मोबाइल पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा पर्स,बेल्ट, बैग सहित किसी भी प्रकार की सामग्री पूरी तरह से प्रतिबंधित की गई है। उन्होंने बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति चोरी छिपे मोबाइल या कैमरा अंदर ले जाने का प्रयास करता है, तो उसके विरूद्घ दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी,साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

प्रसाद सहित चरणामृत भी रहेगा वर्जित

कलेक्टर ने बताया कि अभी तक श्रद्घालु प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचते थे, लेकिन अब पूरी तरह से प्रसाद, फूलमाला, अगरबत्ती, नरियल पर प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही श्रद्घालुओं को चरणामृत भी नहीं करेगा। यहां तक कि श्रद्घालु आरती तक का स्पर्श नहीं कर पाएंगे और न ही मंदिर के अंदर बैठका में विश्राम कर पाएंगे।

भगवान के दर्शनों के उपरांत उन्हें सीधे बाहर कर दिया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर के अंदर होने वाले भजन, कीर्तन के अलावा जो भजनों की रिर्काडिंग होती थी। उस पर भी पूरी तरह से रोक लगाई गई है। इसके अलावा मंदिर में लगे हुए घंटों को बजाने एव रैलिंग को स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी।

पुजारी से दो गज की रहेगी श्रद्घालुओं की दूरी

13 जून तक की अवधि तक मंदिर में आने वाले श्रद्घालुओं मंदिर के प्रधान पुजारी के अलावा किसी भी अन्य पुजारी के पास खड़े नहीं हो पाएंगे। श्रद्घालुओं और पुजारी में 2 गज की दूरी रहेगी। इसके अलावा जो बाहर दुकाने है वहां भी सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करना होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना