टीकमगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले में लगातार डेंगू का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। जिला मुख्यालय पर अभी भी 2 युवक अपना इलाज करा रहे है। हालांकि इसकी रोकथाम के अब तक कोई उपाय नहीं किए गए है। इतना ही नहीं नालियों में मलेरिया रोधी दवा का छिड़काव न होने के कारण मच्छरों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इसके बाबजूद भी अब तक बुखार की रोकथाम के लिए कोई ठोस कारगर कदम नहीं उठाये गए है। यदि यही हालत रही तो आने वाले दिनों में इसकी संख्या और बढ़ सकती है। गुरूवार को ही विभिन्ना घरों में जांच हुई, जिसमें 26 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला है। यह भी एक इलाके में इतने अधिक स्थानों पर लार्वा मिलने के बाद स्वास्थ विभाग के हाथ पांव फूलने लगे हैं।

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण से राहत मिली ही थी कि अब डेंगू की चपेट में आने वालों की संख्या में इजाफा होने लगा है। डेंगू के बढ़ते हुए प्रकोप को लेकर कोई पुख्ता उपाय या रोकथाम को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। अब तक जिले में डेंगू से पीड़ितों की संख्या में 61 हो चुकी है। जिसका उपचार जिला चिकित्सालय में किया गया, जिसमें अब तक 59 मरीज तो स्वस्थ्य होकर अपने घर जा चुके है, जबकि इस समय 2 पीड़ित अभी भी अपना इलाज करा रहे है। इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने बताया कि मौसम में लगातार उतार च?ढाव होने के कारण आम लोग बुखार की चपेट में आ रहे है। उन्होंने बताया कि मरीजों के अस्पताल आने पर उनकी सबसे पहले जांच की जाती है और यदि किसी व्यक्ति के शरीर में डेंगू के लक्षण पाये जाते है तो उसे जिला अस्पताल में ही भर्ती किया जाता है, जहां डाक्टरों की देखरेख में पीड़ित व्यक्ति का इलाज किया जाता है।

पुरानी गल्ला मंडी के समीप घरों में की गई लार्वा की जांच

गुरूवार को दोपहर बाद पुरानी गल्ला मण्डी के समीप करीब 467 कंटेनरों यानि एकत्र किए गए पानी के स्थानों पर डेंगू को लेकर जांच हुई, जिसमें 17 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला है। वहीं 77 घरों में जांच की गई, तो 9 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला है। यह रिपोर्ट महज शहर की है, जिले के हाल अलग ही हैं। कुल 26 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिल चुका है। एक दिन में इस प्रकार के आंकड़े आने के बाद प्रशासन भी हैरान है। अब रोकथाम को लेकर चर्चा और कागजी घोड़े दौड़ रहे हैं। दवा का छिड़काव या जलभराव क्षेत्रों को खाली कराने जैसा कुछ भी नहीं हो रहा है।

खतरा: विभिन्ना कालोनियों के खाली प्लाटों में भरा पानी

नगर की कई कालोनियों में खाली पड़े प्लाटों पर बारिश का पानी भरा होने से परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं। प्लाटों से बारिश के पानी की निकासी नहीं होने के कारण यह समस्या आ रही है। पानी भरा होने के कारण मच्छरों की संख्या बेशुमार हो गई है, जिससे डेंगू के मरीज भी निकलने लगे हैं। विनोदकुंज, महावीर रेजीडेंसी, नंदीश्वर कालोनी, शिवशक्ति कालोनी, भटनागर कालोनी, चीफ स्टोर के पीछे, भगत नगर, नए बस स्टेंड के पास, पुलिस लाइन के समीप सहित कई स्थानों पर खाली प्लाटों में बारिश का पानी भरा हुआ है। नपा की ओर से न तो खाली प्लाट वालों पर कोई कार्रवाई की गई और न ही दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना पांच सौ से अधिक मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं।

नियंत्रित करने के लिए न तो दवा और न ही वैक्सीन

जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने बताया कि डेंगू बुखार को नियंत्रित करने के लिए अब तक न तो दवा है और न ही किसी प्रकार की कोई वैक्सीन ही है, केवल इसका उपाय केवल बचाव ही है। उन्होंने कहा कि दो दिन से अधिक समय तक पानी का जमाव न होने दें यदि किन्ही बर्तनों में अधिक समय तक पानी भरा रहता है तो उसमें डेंगू का लार्वा उत्पन्ना हो जाता है। सदैव ही पानी को ढक कर रखे तथा पानी को यदि उवालकर पियें तो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। श्री रावत ने बताया कि डेंगू से पीड़ित युवक की जांच जिला अस्पताल में ही नि:शुल्क की जाती है। इसके साथ ही जबलपुर तथा ग्वालियर से भी वही जांच होती है जो जिला अस्पताल में की जा रही है। किसी भी तरह की जांच में कोई अंतर नहीं है।

Posted By: Ajaykumar.rawat

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