बुंदेलखंड रत्नों की खान है : विनिश्चय सागर

18टीकेजी9 अतिशय क्षेत्र बंधाजी में रविवारीय प्रवचन करतीं माताजी।

टीकमगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

बुंदेलखंड के कई नगरों एवं तीर्थ क्षेत्रों पर धर्म धारा लगातार प्रवाहित हो रही है। कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। अतिशय क्षेत्र बंधा जी में रविवार को प्रवचनों के पहले बंधा जी बालिका मंडल द्वारा मंगलाचरण की प्रस्तुति की गई । अतिशय क्षेत्र बंधा जी में रविवारीय प्रवचन में दुर्लभ मति माताजी ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है।

हमारे बुजुर्ग माता-पिता घर बैठे साक्षात भगवान हैं । आज हमारे देश में परिवारों का विघटन होता जा रहा है। एक परिवार के कई परिवार बनते जा रहे हैं। कोई व्यक्ति मां बाप को अपने पास नहीं रखना चाहता यह हमारी समाज की सबसे बड़ी विडंबना है। माताजी ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमें यह शिक्षा नहीं देती कि हम बड़े बूढ़ों का सम्मान नहीं करें। उन्होंने बहुओं से कहा कि आप लोग अपने सास ससुर की सेवा भाव से सेवा करें । आने वाली पीढ़ी आपकी सेवा अवश्य करेगी। पहले हमारे देश में संयुक्त परिवार हुआ करते थे, समय बदला, परिवेश बदला, परिस्थिति बदली और आज हमारा समाज छोटे-छोटे परिवारों में विभाजित हो गया। आज हम सभी को प्रतिज्ञा करनी है कि हम अपने माता पिता और सास ससुर की सेवा करेंगे तभी हमारा मानव जीवन सार्थक होगा।

बुंदेलखंड के कई नगरों एवं तीर्थ क्षेत्रों पर धर्म की धारा लगातार प्रवाहित हो रही है। मुरली मनोहर जैन ने बताया कि इस बार 2019 में कई स्थानों पर आयिॅका संघ एवं मुनि संघों के पावन योग चल रहे हैं। चातुर्मास या वर्षा योग 4 महीने का वह समय होता है जब बारिश होती है कई तरह के छोटे.छोटे जीवों की उत्पत्ति हो जाती है। जीवों का घात न हो जीवों को भी जीने का अवसर मिले इसी भावना के साथ जैन संत एक ही स्थान पर रुक कर धर्म ध्यान एवं साधनारत रहते हैं। इसी 4 महीने का समय चातुर्मास के नाम से जाना जाता है ।यह समय दीपावली को पूर्ण हो जाता है। साधु संत दीपावली के बाद कभी भी बिहार कर जाते हैं । प्रदीप जैन बम्हौरी ने बताया कि प्रसिद्ध जैन तीर्थ बंधाजी में आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या आदर्श मति माताजी की संघस्थ आयिॅका 105 दुर्लभ मति माताजी 9 आयिॅकाओं के साथ चातुर्मास कर रही हैं। माताजी संघ के सानिध्य में आचार्यश्री के आशीर्वाद से प्रतिदिन शांतिनाथ विधान का आयोजन किया जा रहा है। रविवारीय प्रवचन में कई जगह से श्रद्धालु आ रहे हैं।

रविवार को बंधा जी में शहडोल, खुरई, बमीठा, छतरपुर,टीकमगढ़, बम्होरी बराना, जेवरा मौरा, मोहनगढ़, पृथ्वीपुर सहित कई जगह से श्रद्धालु आए। इस बार आचार्य भगवान की आशीर्वाद से टीकमगढ़ एवं छतरपुर सहित ललितपुर जिले के बुंदेलखंड के अनेक स्थानों पर चतुर्मास चल रहे हैं। अतिशय क्षेत्र बंधा जी में 9 आयिॅका माताओं का चातुर्मास चल रहा है। अतिशय क्षेत्र पपौरा जी में 13 आयिॅकाओ का चातुर्मास धार्मिक कार्यक्रमों के बीच हो रहा है। जिले के ग्राम लार बंजरया में 3 आयिॅकाओ का चातुर्मास पहली बार हो रहा है। पृथ्वीपुर नगर में भी प्रसन्न मति माताजी एवं गरिमा मति माता जी का चातुर्मास हो रहा है। छतरपुर जिले की विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल शिल्प नगरी खजुराहो में पहली बार एक आयिॅका 105 अनंत मति माताजी के सानिध्य में 22 आयिॅकाओं का चातुर्मास हो रहा है। टीकमगढ़ से ही सटे महरोनी नगर में अंतर मति माताजी सहित 4 आयिॅकाओं का पवन वर्षा योग धार्मिक वातावरण के बीच हो रहा है। अतिशय क्षेत्र नवागढ़ उप्र में आचार्य भगवान के शिष्य मुनि 108 सरल सागर जी महाराज का चातुर्मास चल रहा है। मुनिश्री एकांतप्रिय क्षेत्र पर साधना कर रहे हैं। ललितपुर के अटा मंदिर में आचार्य विनिश्चय सागर जी महाराज अपने संघ के साथ चतुर्मास कर रहे हैं। आचार्यश्री कहते हैं कि बुंदेलखंड रत्नों की खान है सिर्फ यहां रखने की जरूरत है।