टीकमगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कृषि विज्ञान केंद्र में गुरुवार को प्राकृतिक खेती के संबंध में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मास्टर ट्रेनर के रूप में हितेश भाई बोरा गुजरात से आए। इस अवसर पर जिले के चारों विकासखंडों से आए कृषि विभाग के अधिकारी व प्राकृतिक खेती करने के इक्छुक कृषक भी काफी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान उप संचालक कृषि डीके जाटव, कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख डा. वीएस किरार, उप संचालक पशु चिकित्सा डीके विश्वकर्मा व वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बीटीएम एटीएम उपस्थित रहे।

श्री बोरा द्वारा स्लाइड व फिल्म के माध्यम से प्रत्येक बिंदु पर गहराई से व सरल सहज भाषा में उपस्थित अधिकारियों व कृषकों को समझाइश दी गई। सभागार में उपस्थित जनसमुदाय को प्राकृतिक खेती के द्वारा अपने निजी संसाधनों के माध्यम से लागत को कम करना व उत्पादन को बढ़ाने के गुरु मंत्र दिए गए। जिन्हें किसानों ने अच्छी तरह से समझा व उस पर अमल करने के लिए आश्वासन भी दिया। इसके बाद श्री बोरा द्वारा जीवामृत का घोल बनाने की विधि बताई। जिसमें उप संचालक कृषि श्री जाटव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी महेश चंद जैन, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. वीएस किरार, डा. एसके सिंह,डा. एसके जाटव भी उपस्थित रहे। उन्होंने 100 लीटर के ड्रम में पांच लीटर गोमूत्र में पांच किलो देसी गाय का गोबर, पांच किलो बेसन, 500 ग्राम गुड़ व 500 ग्राम पीपल के पेड़ के नीचे की मिट्टी को एक टब में लेकर घोल बनाया। यह संपूर्ण क्रिया उन्होंने स्वयं व कृषकों से कराके दिखाई। जिसमें कृषकों ने अपने क्षेत्र में जाकर इसका उपयोग करने के लिए आश्वासन दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close