टीकमगढ़/चंदेरा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पलेरा विकासखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए उनके स्वयं के भवन नहीं हैं। विडंबना यह है कि आंगनबाड़ी केंद्र किराए के मकानों में चल रहे हैं। इन मकानों में पर्याप्त जगह नहीं है और न ही आंगनबाड़ी केंद्रों के अनुरूप किराए के मकानों की बनावट है। महज एक ही कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं। किराए के मकानों में सरकार द्वारा हर महीने किराए के रूप में लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

विकासखंड में 243 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 200 केंद्रों को खाली पड़े शासकीय भवनों में शिफ्ट किया गया है जबकि 43 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के मकान में चल चल रहे हैं। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों में 60 बच्चे दर्ज हैं, उनके हिसाब से किराए की भवनों में जगह नहीं है। केवल एक ही कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है और वह भी 10 बाई 10 के कमरे में चलता है।

सरकार के द्वारा कुपोषित बच्चों को पोषित करने के लिए लाखों करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र का अभाव बना हुआ है। इस संबंध में अधिकारी कहते हैं कि बजट नहीं आने से केंद्रों का निर्माण नहीं हो पाया है। जहां शासकीय भवन खाली पड़े हुए हैं उनमें फिलहाल केंद्रों का संचालन किया जा रहा है तथा ऐसे कई आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिनके लिए शासकीय भवन भी उपलब्ध नहीं है उनके लिए किराए के कमरों में चलाए जा रहा है। पलेरा विकासखंड में छह आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए वर्ष 16-17 में राशि जारी हुई थी जिससे छह भवनों का निर्माण कराया जा चुका है, इसके अलावा अभी कोई आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके लिए राशि का अभाव बना हुआ है। वही सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्री ने निर्देश दिए थे कि आंगनबाड़ी केंद्रों को किराए के मकानों में ना चलाकर खाली पड़े शासकीय भवनों में संचालित किया जाए। निर्देश का पालन हुआ जिससे पलेरा विकासखंड के 243 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 200 केंद्रों को शासकीय भवनों में लगाया जा रहा है जबकि 43 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के कमरों में संचालित किए जा रहे हैं। 243 आंगनबाड़ी केंद्रों में 13 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। आंगनबाड़ी केंद्र के कमरे का किराया प्रति महीने तीन हजार एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 750 रुपये प्रति महीने शासन को भुगतान करना पड़ रहा है। इस तरह से किराए के मकान में चलने वाले केंद्रों पर लाखों रुपये किराए के रूप में खर्च किए जा रहे हैं।

इनका कहना है

काफी समय से आंगनबाड़ी निर्माण के लिए बजट नहीं मिला है, जो आंगनबाड़ियां निजी भवनों में संचालित हो रही हैं, उनको खाली पड़े सरकारी भवनों में शिफ्ट कराया जा रहा है।

प्रदीप मिश्रा, बाल विकास परियोजना अधिकारी पलेरा

एसडीएम ने किया आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण

3- आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण करते एसडीएम

बड़ागांव धसान। नगर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का एसडीएम सीबी पटेल ने मंगलवार दोपहर में निरीक्षण किया तथा केंद्रों के संचालन में खामियां मिलने पर उन्होंने सख्त निर्देश दिए। कहा कि जो आंगनबाड़ी केंद्र किराए के मकानों में संचालित किए जा रहे हैं उन्हें खाली पड़े शासकीय भवनों में शिफ्ट किया जाएगा। एसडीएम श्री पटेल ने नगर के वार्ड क्रमांक 2,6,7,13,5,11,12, आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री पटेल ने कहा कि वार्ड क्रमांक 7,9,4, के आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शासकीय भवनों में किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों ने यह भी शिकायत की कि आंगनबाड़ी केंद्रों में घटिया स्तर का भोजन दिया जाता है। जिस पर श्री पटेल ने नाराजगी जताई और सख्त हिदायत दी। दीनदयाल उपभोक्ता भंडार का भी निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान कई बच्चों ने शिकायत में कहा कि उन्हें शासन से दी जा रही मूंग नहीं मिली है जिस पर सेल्समैन ने जवाब दिया कि कई बच्चों फिंगरप्रिंट नहीं आ रहे हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी शिकायत मिली कि एकता स्व सहायता समूह के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र में घटिया स्तर का भोजन दिया जाता है। इस मौके पर तहसीलदार पीयूष दीक्षित, नगर परिषद सीएमओ संजय बाल्मीकि शहीद नगर पंचायत की कर्मचारी मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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