चंदेरा (नईदुनिया न्यूज)। जिसके पास संस्कार हैं उसके सामने पूरा संसार झुकता है इसलिए संस्कारों का होना जीवन में बहुत जरूरी है। बिना संस्कार के व्यक्ति का हर जगह तिरस्कार होता है। इसलिए बच्चों को संस्कारित करने के लिए माता-पिता को प्रतिदिन ईश्वरीय साधना के लिए समय देना चाहिए। यह बात ग्राम फतेह खिरक में हनुमानलला मंदिर पर चल रहे गौ संरक्षण यज्ञ एवं भागवत महापुराण के तीसरे दिन की कथा के दौरान पंडित बालप्रभु महाराज ने कही। महाराजश्री ने कहा कि प्रत्येक परिवार में कम से कम एक गाय पालना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रभु श्री कृष्ण भगवान की कहानियां सुनाएं जो जगत के लिए जिए। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के विषय में बताएं जो पिता की आज्ञा का पालन करने के लिए राजपाठ छोड़कर चौदह वर्ष के वनवास पर चले गए थे। बच्चों को माता यशोदा के विषय में बताएं जिनका घर 85 चौक में था और उनके पास एक लाख 60 हजार गाय थीं। फिर भी माता यशोदा स्वयं अपने हाथों से श्री कृष्ण के लिए माखन बनाकर उन्हें खिलाती थीं। जब बच्चे यह सुनेंगे तो उनके मन में भी माता-पिता की आज्ञा पालन करने की भावना प्रबल होगी और यही आगे चलकर बच्चों को संस्कारित बनाएगी।

श्रीमद् भागवत गीता के प्रसंग में धुव्र का मार्मिक व हृदय स्पर्शी वृतांत सुनाते हुए उन्होंने कहा कि एक दिन बालक धुव्र की सौतेली माता सुरुचि ने बालक के पिता राजा उत्तानपाद की गोद से उतार दिया। वही उसे ताने के रूप में ईश्वर का पुत्र होने की बात कही। इसके बाद वह ईश्वर की भक्ति में लीन हो गए। जब यह वाक्या धुव्र की मां सुनीति ने देखा तो उन्होंने धुव्र को ईश्वरीय शक्ति का ज्ञान दिया और वह रातों रात भगवान की तलाश में निकल पड़े और एक दिन भगवान के न केवल उन्हें दर्शन प्राप्त हुए बल्कि वह जगत परमेश्वर के पुत्र के रूप में उनकी गोद में भी बैठे। इसलिए बच्चों को खूब पढ़ाओ, लिखाओ साथ ही संस्कारित भी बनाओ। इस दौरान मुख्य यजमान संतराम यादव, शीलू यादव, रामदेव यादव, गुलाब यादव, राधाचरण, चंदन, अंकुश यादव, लालू यादव, अनिल यादव, जाहर यादव, कल्लू यादव, रुचेश यादव, गुल्ली यादव सहित आयोजक मंडल ने धर्मप्रेमियों से धर्मलाभ अर्जित करने का आग्रह किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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