- छतरपुर-टीकमगढ़ बार्डर का मामलाः एसडीईआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला

टीकमगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। टीकमगढ़ और छतरपुर जिले की सीमा में आने वाली धसान नदी में पानी का तेज बहाव आने से दो युवक टापू पर फंस गए। युवकों के टापू पर फंसे होने की सूचना पर तत्काल छतरपुर और टीकमगढ़ के पुलिस-प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। टीमों द्वारा पहले युवकों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन बाद में प्रशासन ने एसडीईआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया और टीम ने दोपहर बाद युवकों को धसान नदी से रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बताया गया है कि मछली पकड़ने के लिए यह युवक धसान नदी पहुंचे थे। बान सुजारा बांध के चार गेट खोलकर पानी छोड़ने के बाद पानी का स्तर नदी में बढ़ने से दो युवक नदी के बीचों-बीच फंस गए थे। युवकों को बचाने के लिए टीकमगढ़ और छतरपुर के पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि महोबा जिले के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के हेवातपुरा गांव के रहने वाले राहुल राय पुत्र धनसिंह राय उम्र 22 वर्ष और नौगांव थाना क्षेत्र के करौली गांव निवासी विमल राय पुत्र हरप्रसाद राय उम्र 25 वर्ष अपनी रिश्तेदारी में छतरपुर जिले के गर्रोली आए थे। शुक्रवार को दोपहर में अपने तीन साथियों के साथ धसान नदी में नहाने और मछली पकड़ने गए थे। राहुल और विमल अपने साथियों के साथ वहां जब नहा रहे थे। तभी बान सुजारा बांध से धसान नदी में पानी छोड़ा गया, जिससे धसान नदी का जलस्तर बढ़ गया। धसान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा तो राहुल और विमल नदी के बीचों-बीच एक पत्थर पर बैठ गए। जबकि उनके तीन साथी किसी तरह तैरकर नदी के किनारे पहुंच गए। देखते ही देखते नदी का जलस्तर अचानक काफी ज्यादा बढ़ गया। इसके चलते दोनों युवक नदी के बीचों-बीच फंसकर रह गए।

साथियों ने प्रशासन को दी सूचना

राहुल और विमल के साथ गए अन्य तीन साथी जैसे ही बाहर आए, तो वह चिल्लाने लगे। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों को बुलाया और राहुल व विमल के टापू पर फंसे होने की सूचना दी। पानी का बहाव इतना तेज था कि टापू पर भी धसान नदी का पानी टकरा रहा था। पानी की हिलोर चलने से युवक भी काफी घबरा रहे थे। तत्काल ही उन्होंने 100 डायल के माध्यम से पुलिस को सूचित किया। पलेरा थाना प्रभारी मुकेश शाक्य को सूचना मिलते ही तत्काल ही कंट्रोल रूम टीकमगढ़ और छतरपुर में अवगत कराया गया। जहां पर पुलिस और प्रशासन की टीमें पहुंची। नौगांव थाना प्रभारी संजय वेदिया और पलेरा थाना प्रभारी श्री शाक्य दलबल के साथ पहुंचने के बाद उन्होंने माइक से एनाउंस कर टापू पर फंसे लोगों को सूचित कर तत्काल निकालने की बात कही। उन्होंने कहा कि युवक बिलकुल भी घबराए नहीं।

वोट लेकर पहुंची एसडीआरएफ की टीम

धसान नदी में तेज बहाव के बीच ही टापू पर फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास किया गया, लेकिन प्रयास असफल होने के बाद तत्काल ही एसडीईआरएफ की टीम को सूचित किया गया। एसडीईआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर वोट के माध्यम से युवकों को सुरक्षित निकाला। इस दौरान चार सदस्यों का दल वोट से नदी में पहुंचा और वोट को रस्से से एक ओर बांधकर पलेरा थाना क्षेत्र की ओर निकाला गया। रेस्क्यू सफल होने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने राहत की सांस ली। फिलहाल युवकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है, जिसमें उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा भेजा गया। वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन की टीमों का आभार जताया।

गेट खोलने के पूर्व नहीं दी सूचना

बान सुजारा बांध से धसान नदी में पानी छोड़ने के पहले प्रबंधन द्वारा कोई सूचना जारी नहीं की जा रही है। इस बार बगैर सूचना के ही गेट खोले जा रहे हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसा ही फिर एक बार प्रबंधन ने किया। इसमें बान सुजारा बांध प्रबंधन ने बगैर सूचना के गुरुवार को रात में चार गेट खोल दिए, जिसमें 536 घनमीटर प्रति सेकंड की स्पीड से पानी छोड़ा गया, जो शुक्रवार तक खुले रहे। इसमें शुक्रवार को टापू पर फंसने की सूचना के बाद प्रबंधन ने गेट को डाउन किया, जिसके बाद चार गेटों से 268 घनमीटर प्रति सेकंड की स्पीड से पानी छोड़ा जा रहा है। 536 घनमीटर प्रति सेकंड की स्पीड से पानी छोड़ने के बाद ही धसान नदी में बाढ़ आ गई थी। टीआइ मुकेश शाक्य ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से युवकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बुडेरा थाना को सूचित कर गेटों को बंद कराया गया था, ताकि पानी बढ़े न।

Posted By: Nai Dunia News Network

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