टीकमगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

लगातार दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त सा हो गया है। कडाके की ठंड के चलते लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे है। रही बात कामकाज की तो, वह भी पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। सर्द हवाएं चलने से ठिठुरन भी ज्यादा बढ़ गई है जिसके चलते पारा भी लगातार नीचे गिर रहा है। रविवार को 6 डिग्री पारा दिन का लुढ़कने के बाद ठिठुरन बढ़ी। इस दौरान दृष्यता भी करीब 50 से 100 मीटर ही रही। पूरे दिन धुंध होने के चलते सूर्यदेव के दर्शन भी रविवार को नहीं हुए हैं। वहीं हवाएं भी 14 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलतीं रहीं।

गौरतलब है कि रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 18.0 डिसे और न्यूनतम 7.7 डिसे दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार इस समय जम्मू-कश्मीर में बर्फवारी होने के कारण उत्तरी हवाएं तेज होने के कारण दिन-रात का तापमान तेजी से नीचे गिर रहा है, जिससे लोगों को शीतलहर का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को ही मौसम विभाग ने जिले को अलर्ट घोषित कर दिया था, जिसकी तस्वीर रविवार को सामने दिखाई दी। हवाओं की दिशा बदलने के कारण बर्फवारी का असर जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। रविवार को आसमान साफ रहने के बाद भी पूरे समय धुंध छाई रही, जिसके चलते सूर्यदेवता भी रविवार को नजर नहीं आए। वहीं शहर के बाहरी इलाकों में दिन के समय कोहरा छाये रहने से वाहनों की रफ्तार भी ब्रेक लग गया था और जो वाहन जहां पर थे, उनके पहिए वहीं पर थम गए। रविवार की सुबह से ही ओस की बूंदों के गिरने के कारण यह अहसास होने लगा था कि आसमान में धुंध छाए रहने के कारण सूर्यदेवता नजर नहीं आएंगे।

इस बार ठंड का दौर काफी चुभन भरा लगने लगा है। सर्दी के मौसम में पहले जैसे उम्मीद जताई जा रही थी, उसको मौसम के हिसाब से सही साबित कर दिया। सूर्य के उत्तरायण के बाद उत्तरी हवाएं चलने से सर्द हवाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। पिछले एक पखवाड़े से लगातार रूक-रूक कर पड़ रही ठंड के चलते तापमान में अचानक गिरावट आने का दौर भी शुरू हो गया है। इसके साथ ही रात में कंपाने वाली ठंड का सामना भी आम लोगों को करना पड़ रहा है। ऐसे में गर्म कपड़े और आग ही सर्दी से बचाव का एक मात्र सहारा दिखाई दे रहा है।

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बच्चों और बुजर्गो के लिए बचाव जरूरी

सर्दी के मौसम में खासकर कड़कड़ाती ठंड से बच्चों और बुजर्गो को बचाना जरूरी होता है। चिकित्सक डॉ.अनुज रावत ने नईदुनिया से चर्चा करते हुए कहा कि इस समय नहाने के लिए भी गर्म पानी का उपयोग करें एवं जहां तक संभव हो सके गुनगुने पानी का सेवन भी करे। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और घर से बाहर न निकलने दें। नमी की वजह से सर्दी या बुखार होने की संभावना रहती है। अगले कुछ दिन बुजुर्ग भी सुबह-सुबह टहलने से बचे। यदि टहलने जाते भी हैं गर्म कपड़े पहनकर ही जाएं वरना सर्दी हो सकती है। मौसम के हिसाब से बच्चों का खासतौर से ध्यान रखें।

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लापरवाह नगरीय प्रशासन

संभवतः ऐसा पहली बार देखा गया है जब कड़कडाके की ठंड के बाबजूद नगरीय प्रशासन के द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। हर बार नगरीय प्रशासन के द्वारा शहर के प्रमुख स्थानों पर नगरपालिका परिषद के द्वारा ठंड से निजात पाने के प्रमुख चौराहों साहित सार्वजनिक स्थानो पर आम जनता की सुविधार्थ अलाव की व्यवस्था की जाती थी। लेकिन इस बार न जाने अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। जिसके चलते न केवल लोग परेशान दिखाई दे रहे है बल्कि मूक जानवर भी परेशान दिखाई रहे है।

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यह रही तापमान की स्थिति

दिनांक- अधि.-न्यू.

10.01.22- 17.6 -13.5

11.01.22- 18.2 -11.5

12.01.22- 20.3 -9.5

13.01.22- 20.5 -7.2

14.01.22- 19.5 -7.6

15.01.22- 18.0 -7.7

15.01.22- 18.0 -7.7

16.01.22- 12.5 -7.8

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Posted By: Nai Dunia News Network

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