उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विक्रम विश्वविद्यालय में दाखिला पाने के लिए देशभर से 1 लाख 37 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन जमा किया है। बावजूद, विश्वविद्यालय को दाखिले की अंतिम तारीख 30 जून से बढ़ाकर 15 जुलाई या 31 जुलाई करना होगी। मुख्य तौर पर इसकी तीन वजह सामने आई है। पहली, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा 12वीं की परीक्षा का परिणाम घोषित न करना। दूसरी, अखिल भारतीय स्तर पर दाखिले के लिए कामन विश्वविद्यालयीन प्रवेश परीक्षा का न होना और तीसरी, स्वीकृत 5 हजार सीटों के विरुद्ध मेरिट के आधार पर दाखिले के लिए सिर्फ 1370 फार्म जमा होना।

याद रहे कि विक्रम विश्वविद्यालय ने अपनी विभिन्ना अध्ययनशालाओं में संचालित 234 से अधिक डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों के दाखिला पाने के लिए अधिसूचना 5 मई 2022 को जारी की थी। मेरिट के आधार पर दाखिला पाने के लिए 6 मई से 30 जून तक बिना विलंब शुल्क के आवेदन जमा किया जा सकता है। अब, आवेदन की अंतिम तारीख करीब है। स्थिति यह है कि दाखिले के लिए स्वीकृत 5000 सीटों के विरुद्ध केवल 1370 फार्म ही जमा हुए हैं। हां, यह बात गौर करने वाली है कि कामन विश्वविद्यालयीन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से विक्रम विश्वविद्यालय में दाखिला पाने के लिए देशभर के विद्यार्थियों ने गजब का रुझान दिखाया है। इसका प्रमाण विक्रम विवि के 27 स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला पाने को जमा हुए 84652 फार्म और 70 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिला पाने के लिए जमा हुए 51 हजार फार्म है, जो विद्यार्थियों ने सशुल्क जमा किया है। इन विद्यार्थियों को इंतजार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा कामन विश्वविद्यालयीन प्रवेश परीक्षा की तारीख घोषित होने का है।

दाखिला बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे विश्वविद्यालय चलो अभियान पर सवाल

विक्रम विश्वविद्यालय ने अपनी सभी सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए इन दिनों हायर सेकंडरी स्कूलों में विश्वविद्यालय चलो अभियान चलाना शुरू किया है। इस अभियान पर शिक्षा से जुड़े विद्वान ही सवाल उठा रहे हैं। वजह, अभियान देरी से शुरू होना है। विद्वानों का कहना है कि स्कूलों से 12वीं की परीक्षा पास कर विद्यार्थी निकल गए, तब विश्वविद्यालय स्कूल में अपने पाठ्यक्रमों की जानकारी देने पहुंच रहा है। बेहतर होता कि वह दिसंबर या जनवरी में यह अभियान चलाता। अभी तो स्कूलों में 12वीं की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी मिलेंगे और ये इस सत्र में तो विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं ले पाएंगे।

असर : देरी से शुरू होगी पढ़ाई

दाखिला देर तक होने का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा। निश्चित है कि यदि बिना विलंब शुल्क के दाखिले की प्रक्रिया 31 जुलाई तक हुई तो कायदे से नियमित अध्यापन अगस्त से ही शुरू हो पाएगा। ऐसा पिछले वर्ष में भी होता आया है। इसका परिणाम यह है कि विश्वविद्यालय की परीक्षाएं हर वर्ष विलंब से होती रही हैं। अभी विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है और इसी बीच स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की परीक्षाएं चल रही हैं। स्नातक प्रथम में पिछले वर्ष दाखिला पाए विद्यार्थियों की परीक्षा का तो अभी टाइम टेबल तक नहीं आया है।

विक्रम विश्वविद्यालय सहित देश के अन्य विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों के दाखिले की तारीख बढ़ाना पड़ेगी। वजह, सीबीएसई द्वारा 12वीं की परीक्षा का परिणाम घोषित न करना और अखिल भारतीय स्तर पर दाखिले के लिए कामन विश्वविद्यालयीन प्रवेश परीक्षा का न होना है। विक्रम विवि इस सिलसिले में जल्द तारीख घोषित करेगा। -डा. प्रशांत पुराणिक, कुलसचिव, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन

Posted By: Nai Dunia News Network

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